China एक बार फिर ग्लोबल पॉलिटिक्स में बड़ा खेल खेलता नजर आ रहा है। Iran और United States के बीच जारी सीजफायर बातचीत के बीच चीन पर आरोप है कि वह ईरान को खतरनाक एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी कर रहा है। इससे पूरी दुनिया की नजरें इस घटनाक्रम पर टिक गई हैं।
बातचीत के साथ-साथ युद्ध की तैयारी
जहां एक तरफ Iran और United States शांति वार्ता कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दोनों देश अपनी-अपनी सैन्य ताकत भी बढ़ा रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह “दोहरी रणनीति” है—यानी बातचीत भी और तैयारी भी।
चीन देगा खतरनाक हथियार?
रिपोर्ट्स के मुताबिक China ईरान को MANPADS जैसे एयर डिफेंस सिस्टम देने की योजना बना रहा है। ये ऐसे हथियार होते हैं जो कंधे पर रखकर चलाए जाते हैं और लो-फ्लाइंग एयरक्राफ्ट को आसानी से निशाना बना सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह United States के फाइटर जेट्स के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
चीन ने किया इनकार
हालांकि China ने इन सभी रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास का कहना है कि चीन किसी भी पक्ष को हथियार नहीं दे रहा और वह शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
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क्या है चीन की असली रणनीति?
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन सीधे युद्ध में कूदने के बजाय “बैलेंस गेम” खेल रहा है। एक तरफ वह Iran का सहयोगी बना रहना चाहता है क्योंकि उसे वहां से तेल मिलता है, वहीं दूसरी तरफ वह खुलकर United States के खिलाफ भी नहीं जाना चाहता।





