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ट्रैक्टर मामले में नया मोड़: पुलिस पर प्रक्रिया में चूक, दोहरी FIR और कोर्ट आदेशों की अवहेलना के गंभीर आरोप पीड़ित परिवार ने हाईकोर्ट जाने की कही बात।
(भैंसदेही)बैतूल जिले के भैंसदेही में ट्रैक्टर मामले को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में मोनिका विजायकऱ (पत्नी राजेश विजायकऱ) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भैंसदेही पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि पुलिस ने बिना तथ्यों की पूरी जांच और वेरिफिकेशन किए रिपोर्टिंग की, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आ पाई।
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि राजेश विजायकऱ ने ट्रैक्टर रिकवरी में पुलिस का पूरा सहयोग किया था और उनकी सक्रिय भूमिका भी रही। इसके बावजूद पुलिस उन्हें एक पुराने मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है, जो आठनेर थाने में करीब डेढ़ साल से लंबित है। आरोप है कि इस मामले की जांच पूरी होने और फाइनल रिपोर्ट दाखिल होने के बाद भी उसी प्रकरण में दोबारा FIR दर्ज कर दी गई, जो नियमों के विरुद्ध है।
मोनिका विजायकऱ ने यह भी कहा कि कोर्ट द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल नहीं की, जिससे यह मामला और संदिग्ध हो गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जांच पूरी हो चुकी है तो चार्जशीट अब तक क्यों नहीं पेश की गई? साथ ही, एक ही घटना में दूसरी FIR दर्ज करना सुप्रीम कोर्ट के “टेस्ट ऑफ सेमनेस” सिद्धांत का उल्लंघन बताया गया है।
प्रेस नोट में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस मुख्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन लोगों को निशाना बना रही है, जिन्होंने मामले में सहयोग किया। इससे पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मोनिका विजायकऱ ने साफ किया कि वे इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर रही हैं। साथ ही उन्होंने डीजीपी और आईजी स्तर तक शिकायत करने की भी बात कही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यशैली और कानूनी प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे यह मामला अब केवल एक ट्रैक्टर विवाद न रहकर न्याय और प्रशासनिक पारदर्शिता का मुद्दा बनता जा रहा है।





