Artemis-II Moon Mission: करीब 53 साल बाद, जब NASA ने आखिरी बार Apollo 17 भेजा था, अब फिर इंसान चांद के पास पहुंचने जा रहा है। Artemis-II मिशन 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च हो रहा है। देसी अंदाज में कहें तो “फिर से चांद पर नजर, और इस बार तैयारी पूरी तगड़ी है”।
क्या है Artemis-II मिशन का प्लान?
Artemis II एक 10 दिन का मिशन है, जिसमें स्पेसक्राफ्ट चांद के चारों ओर चक्कर लगाकर वापस आएगा। इसमें Orion spacecraft का इस्तेमाल होगा, जिसे दुनिया के सबसे पावरफुल रॉकेट Space Launch System से लॉन्च किया जाएगा। यानी “सीधे नहीं उतरेंगे, बस चांद के पास से घूमकर वापसी”।
4 एस्ट्रोनॉट्स, इतिहास बनने वाला है
इस मिशन में 4 एस्ट्रोनॉट्स जा रहे हैं—Reid Wiseman, Victor Glover, Christina Koch और Jeremy Hansen। खास बात ये है कि पहली बार एक महिला और अफ्रीकी-अमेरिकन एस्ट्रोनॉट भी चांद के पास जाएंगे। देसी में बोलें—“टीम पूरी दमदार और हिस्ट्री बनाने को तैयार”।
मिशन के 10 दिन कैसे गुजरेंगे?
पहले 2 दिन पृथ्वी की कक्षा में टेस्टिंग होगी। तीसरे-चौथे दिन “Trans-Lunar Injection” के जरिए स्पेसक्राफ्ट चांद की ओर बढ़ेगा। 5 से 8 दिन तक चांद की परिक्रमा होगी। फिर 9-10 दिन में वापसी, जो सबसे कठिन हिस्सा है—क्योंकि स्पीड करीब 40,000 किमी/घंटा होगी। यानी “आखिरी पड़ाव सबसे खतरनाक”।
क्यों खास है ये मिशन?
इस मिशन का मकसद सिर्फ चांद के चक्कर लगाना नहीं है, बल्कि भविष्य के मिशन—जैसे Artemis-III और मंगल यात्रा की तैयारी करना है। करीब 3.7 लाख किमी की दूरी तय होगी। देसी भाषा में समझें—“ये सिर्फ शुरुआत है, असली गेम अभी बाकी है”





