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UNESCO के वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे 2026 में Adani Group बना ऑफिशियल पार्टनर

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भारत के बड़े उद्योग समूह Adani Group को एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। UNESCO और World Federation of Engineering Organizations के साथ मनाए जाने वाले World Engineering Day for Sustainable Development 2026 के लिए Adani Group को आधिकारिक पार्टनर चुना गया है। यह सम्मान कंपनी को स्वच्छ ऊर्जा, टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े स्तर पर सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के प्रयासों के लिए दिया गया है।

भारत के लिए गर्व की बात

यह उपलब्धि सिर्फ Adani Group के लिए ही नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व की बात मानी जा रही है। दुनिया अब साफ-सुथरी और टिकाऊ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ रही है और भारत इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है। Adani Group ने सौर और पवन ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए हैं, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो रही है और पर्यावरण पर भी कम असर पड़ रहा है। देसी भाषा में कहें तो कंपनी बिजली भी बना रही है और धरती माँ का भी ख्याल रख रही है।

Sagar Adani ने क्या कहा

Sagar Adani, जो Adani Green Energy के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं, उन्होंने इस मौके पर कहा कि साफ ऊर्जा अब सिर्फ सपना नहीं रही, बल्कि बड़े पैमाने पर सस्ती और भरोसेमंद बन चुकी है। उनका कहना है कि भारत दुनिया को दिखा रहा है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट को भारत की क्लाइमेट एक्शन की मिसाल बताया।

WED 2026 की थीम क्या है

इस साल के World Engineering Day 2026 की थीम है — “Smart Engineering for a Sustainable Future through Innovation and Digitalization.” आसान भाषा में कहें तो नई तकनीक, डिजिटल सिस्टम और स्मार्ट इंजीनियरिंग के जरिए भविष्य को टिकाऊ बनाना। Adani Group का काम इस सोच से पूरी तरह मेल खाता है क्योंकि कंपनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा नेटवर्क और आधुनिक टेक्नोलॉजी पर काफी काम कर रही है।

खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट की खासियत

Khavda Renewable Energy Park गुजरात के कच्छ इलाके में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट है। करीब 538 वर्ग किलोमीटर में फैले इस प्रोजेक्ट की क्षमता 30 गीगावाट तक होगी। यह इलाका पहले बंजर माना जाता था, लेकिन अब यहां सोलर पैनल और पवन टर्बाइन की मदद से साफ बिजली तैयार होगी।

इस प्रोजेक्ट में बाइफेशियल सोलर पैनल, सिंगल-एक्सिस ट्रैकर और 5.2 MW के बड़े पवन टर्बाइन लगाए जा रहे हैं। साथ ही धूल साफ करने के लिए पानी की बजाय रोबोटिक सिस्टम इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे लाखों लीटर पानी की बचत होगी।

रोजगार, पर्यावरण और समाज को फायदा

खावड़ा प्रोजेक्ट से करीब 15 हजार से ज्यादा ग्रीन जॉब्स पैदा होने की उम्मीद है। इससे हर साल लगभग 63.6 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन कम होगा और करीब 17 मिलियन घरों को साफ बिजली मिल सकेगी। इतना ही नहीं, कंपनी आसपास के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं के सशक्तिकरण और पानी बचाने जैसे सामाजिक काम भी कर रही है।

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