S-400: भारत अब अपनी हवाई सीमाओं को पहले से कहीं ज़्यादा सुरक्षित बनाने की तैयारी में है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रूस निर्मित S-400 सिस्टम ने पाकिस्तान के सभी हमलों को रोका था। अब भारत उसी स्तर से आगे बढ़ते हुए अपना स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम ‘प्रोजेक्ट कुशा’ तैयार कर रहा है, जो आने वाले समय में दुश्मन देशों के लिए बड़ा खतरा साबित होगा।
प्रोजेक्ट कुशा: भारत का भविष्य का सुरक्षा कवच
रक्षा मंत्रालय बहुत जल्द भारतीय सेना में प्रोजेक्ट कुशा को शामिल करने जा रहा है। दुनिया के कई देशों में लगातार युद्ध की स्थिति—अज़रबैजान-आर्मेनिया, रूस-यूक्रेन, हमास-इस्रायल—ने भारत को अपनी सैन्य क्षमता और मज़बूत बनाने का संकेत दिया है।
कुशा इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो तीनों सेनाओं की ताक़त को कई गुना बढ़ाएगा।
S-400 से भी घातक, क्रूज़ और बैलिस्टिक दोनों मिसाइलें करेगा तबाह
रक्षा मंत्रालय से जुड़े मेजर जनरल राजन कोचर के अनुसार, कुशा एक मल्टी-रोल एयर डिफेंस सिस्टम होगा।
यह—
- लंबी दूरी से क्रूज़ मिसाइलें खत्म करेगा
- बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करेगा
- दुश्मन की हर गतिविधि को रडार से मॉनिटर करेगा
कुशा की क्षमता इसे S-400 से भी ज़्यादा एडवांस बना देगी। सेना लंबे समय से ऐसे ही स्वदेशी प्रोजेक्ट का इंतजार कर रही थी।
भारतीय वायुसेना और थलसेना दोनों बेसब्री से कर रहे इंतज़ार
भारतीय वायुसेना चाहती है कि देश का एयरस्पेस पूरी तरह सुरक्षित रहे। वहीं भारतीय थलसेना अंतरराष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित करने के लिए कुशा जैसी तकनीक का लंबे समय से इंतज़ार कर रही है।
पहले भारत छोटी-सी ज़रूरत के लिए भी विदेशों पर निर्भर रहता था, लेकिन आज आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत अपने खुद के हथियार और मिसाइलें बना रहा है। कुशा इसका सबसे बड़ा उदाहरण होगा।
दुश्मन की सीमा में घुसकर करेगी 400 KM तक वार
क्या आपने कभी सोचा था कि भारतीय सेना के पास ऐसी मिसाइल हो सकती है जो दुश्मन की सीमा में घुसकर भी हमला कर सके?
प्रोजेक्ट कुशा यही करने वाला है।
यह सिस्टम 400 किलोमीटर की रेंज में आने वाली किसी भी घातक मिसाइल को हवा में ही खत्म करने की क्षमता रखेगा।
अगर कोई दुश्मन देश भारत पर लंबी दूरी की मिसाइल दागेगा, तो कुशा का रडार उसे तुरंत पकड़कर सेकंडों में नष्ट कर देगा।
Read Also:World AIDS Day 2025: AIDS के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं? HIV होने पर जीभ पर दिखता है ये निशान
DRDO तेज़ी से कर रहा है काम, जल्द होगा सेना में शामिल
DRDO तेज़ गति से कुशा पर काम कर रहा है। यह प्रोजेक्ट पूरी तरह स्वदेशी होने के कारण भारत को रणनीतिक बढ़त देने वाला है।
कुशा के आने से भारत को—
- दुश्मन की मिसाइलों से 360-डिग्री सुरक्षा मिलेगी
- वायु रक्षा सिस्टम में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी
- S-400 से भी उन्नत तकनीक भारतीय सैनिकों को उपलब्ध होगी
कुशा के आने के बाद भारत की एंटी-मिसाइल क्षमता दुनिया की टॉप सैन्य शक्तियों में शामिल हो जाएगी।





