IND vs SA: रांची के मैदान पर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया पहला वनडे पूरी तरह टीम इंडिया के नाम रहा। विराट कोहली की शानदार शतकीय पारी, रोहित शर्मा और केएल राहुल के दमदार योगदान के बाद कुलदीप यादव और हर्षित राणा की घातक गेंदबाज़ी ने भारत को 17 रनों से जीत दिलाई। धोनी के शहर में टीम इंडिया ने सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बना ली है।
भारत की धमाकेदार बल्लेबाज़ी
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए टीम इंडिया ने बेखौफ अंदाज़ में रन बरसाए।
- रोहित शर्मा ने 51 गेंदों पर 57 रन ठोके
- यशस्वी जायसवाल ने 18 रन का योगदान दिया
- विराट कोहली ने 120 गेंदों पर ताबड़तोड़ 135 रन ठोक दिए
- कोहली ने 11 चौके और 7 जबरदस्त छक्के लगाए
इसके बाद केएल राहुल ने 60 रनों की आतिशी पारी खेलकर भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। भारत ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 349 रन बनाए।
दक्षिण अफ्रीका की चुनौती और तेज़ रफ्तार विकेट
350 के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही।
- मार्कराम 7 रन बनाकर आउट
- रिकेल्टन और डीकॉक बिना रन बनाए चलते बने
हालांकि मैथ्यू ब्रीट्ज़के ने 72 रन और मार्को यानसन ने ताबड़तोड़ 39 गेंदों पर 70 रन की पारी खेलकर मुकाबले में जान डाल दी। कोर्बिन बॉश ने भी 67 रन ठोके, लेकिन टीम 49.2 ओवर में 332 रन पर ऑल आउट हो गई।
कोहली का क्लासिक शतक, रांची में फिर चमके किंग
रांची का मैदान हमेशा से भारतीय दिग्गजों के लिए शुभ रहा है और इस बार किंग कोहली ने एक और यादगार पारी खेल दी।
- 135 रन
- 120 गेंदें
- 11 चौके
- 7 छक्के
पारी की शुरुआत से अंत तक वे पूरी तरह सेट दिखे और दर्शकों ने उनकी हर शॉट पर जोरदार तालियां बजाईं।
कुलदीप-हर्षित का जादू, स्पिन और पेस का परफेक्ट कॉम्बो
जब मैच हाथ से फिसलता दिख रहा था, तभी कुलदीप यादव और हर्षित राणा ने अपनी गेंदबाज़ी से गेम पलट दिया।
- हर्षित राणा ने शुरुआती दो विकेट झटककर अफ्रीका की कमर तोड़ दी
- क्विंटन डीकॉक और रिकेल्टन को उन्होंने खाता खोले बिना आउट किया
- कुलदीप यादव ने महत्वपूर्ण समय पर 4 विकेट लेकर अफ्रीका की उभरती साझेदारियों को तोड़ दिया
हर्षित ने कुल 3 विकेट, कुलदीप ने 4 विकेट और अर्शदीप सिंह ने 2 विकेट लिए।
जीत के साथ भारत की मजबूत शुरुआत
इस जीत के बाद भारत ने न सिर्फ सीरीज़ में बढ़त बनाई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि धोनी के शहर रांची में टीम इंडिया को हराना आसान नहीं। बल्लेबाज़ी में क्लास, गेंदबाज़ी में धार और फील्डिंग में फुर्ती—तीनों का बेहतरीन मेल देखने को मिला।





