MP News in Hindi: छिंदवाड़ा में मशहूर ‘कंबल वाले बाबा’ (Blanket Baba) के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गणेश यादव नामक व्यक्ति के कैंप में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा और तेल व पाउडर के पैकेट के सैंपल जब्त किए। यह कार्रवाई बाबा पर अंधविश्वास फैलाने और बिना अनुमति चिकित्सा सामग्री बेचने के आरोपों के बाद की गई।
अंधविश्वास के नाम पर इलाज का दावा
छिंदवाड़ा के चंदनगांव में गणेश यादव उर्फ ‘कंबल बाबा’ का कैंप लंबे समय से सुर्खियों में था। बाबा दावा करता था कि वह कंबल से बीमारियों का इलाज करता है।लेकिन जांच में पता चला कि बाबा लोगों को सिर्फ झाड़-फूंक ही नहीं, बल्कि तेल और पाउडर के पैकेट भी बेच रहा था, जिनकी कीमत करीब 1200 रुपये थी। यह पूरा कैंप बिना किसी आधिकारिक अनुमति के चल रहा था, जिससे यह अंधविश्वास और धोखाधड़ी का मामला माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की छापेमारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कैंप की जांच की। टीम को वहां तेल और पाउडर के पैकेट बड़ी मात्रा में मिले, जिन्हें मरीजों को “इलाज” के नाम पर दिया जा रहा था।स्वास्थ्य विभाग ने दोनों पदार्थों के सैंपल जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने का फैसला लिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनमें क्या तत्व मौजूद हैं और क्या वे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तो नहीं।
‘कंबल बाबा’ के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
छिंदवाड़ा के सीएमएचओ नरेश गोनाने ने बताया कि टीम ने बाबा के कैंप से संदिग्ध सामग्री जब्त कर ली है। अब यह जांच की जाएगी कि यह पूरा कैंप कानूनी अनुमति के बिना कैसे चल रहा था और इसमें कौन-कौन शामिल था।
प्रशासन का कहना है कि अगर जांच में आरोप सही पाए गए, तो ‘कंबल बाबा’ पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस तरह के अंधविश्वासी प्रचार पर रोक लगाई जाएगी।
लोगों में फैली जागरूकता, प्रशासन के लिए चुनौती
इस घटना के बाद लोगों में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलने लगी है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गया है कि कैसे इस तरह के फर्जी इलाज करने वालों पर रोक लगाई जाए।
फिलहाल, ‘कंबल बाबा’ का कैंप प्रशासन की निगरानी में है और आगे की जांच के बाद यह तय होगा कि बाबा के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा या नहीं।





