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World mental health day: मध्य प्रदेश में मानसिक बीमारियों का आंकड़ा चिंताजनक  

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World mental health day: मध्य प्रदेश में मानसिक बीमारियों का आंकड़ा चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार, प्रदेश की 13.9% आबादी किसी न किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित है, और इनमें से 90.7% लोग ऐसे हैं जिन्हें इलाज नहीं मिल पाता। इस सर्वे से पता चलता है कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर गैप है और लोगों को सही समय पर उपचार नहीं मिल रहा है।

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • प्रदेश में करीब 1 करोड़ 12 लाख लोग मानसिक बीमारियों से ग्रसित हैं, जिसमें से 12 लाख लोग सिज़ोफ्रेनिया और बाइपोलर डिसऑर्डर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।
  • लगभग 1 करोड़ लोग सामान्य मानसिक समस्याओं जैसे डिप्रेशन, तनाव, और नींद न आने जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं।
  • भोपाल में 40 हजार लोग गंभीर मानसिक रोगों से और 2.5 लाख लोग सामान्य मानसिक रोगों से पीड़ित हैं।

मानसिक स्वास्थ्य:

मानसिक रोग वह स्थिति है जिसमें सोच, मनोदशा, धारणा, स्मृति आदि में विकार होता है, जिससे निर्णय लेने, व्यवहार करने और वास्तविकता को समझने में कठिनाई होती है। शराब और नशीली दवाओं का सेवन भी मानसिक रोगों की श्रेणी में आता है।

कारण और समाधान:

  1. एक ही उपाय कारगर नहीं: मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए कोई एक समाधान पर्याप्त नहीं है, क्योंकि हर व्यक्ति की मानसिक स्थिति अलग होती है। हालांकि, ध्यान (मेडिटेशन) को तनाव घटाने और मानसिक शांति बनाए रखने में प्रभावी माना गया है।
  2. ट्रीटमेंट गैप: मानसिक रोगों के इलाज में बड़ा अंतर है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। इसके पीछे मानसिक रोगों के प्रति गलत धारणाएं और सीमित स्वास्थ्य सुविधाएं हैं। मनहित ऐप और टेलीमानस हेल्पलाइन (14416) के जरिए लोग अपनी मानसिक स्थिति का आकलन कर सकते हैं और मदद ले सकते हैं।
  3. समय पर परामर्श आवश्यक: मानसिक बीमारियों के लक्षण दिखते ही विशेषज्ञों से परामर्श लेना जरूरी है। सर्वे के मुताबिक, मानसिक रोगियों में 10.33% शराब और 34.33% तंबाकू की लत से ग्रस्त हैं, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।

मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के तरीके:

  1. नियमित व्यायाम: शारीरिक गतिविधि मस्तिष्क में एंडोर्फिन (खुशी के हार्मोन) का उत्पादन बढ़ाती है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।
  2. संतुलित आहार: पोषक तत्वों से भरपूर भोजन मस्तिष्क के विकास और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  3. पर्याप्त नींद: अच्छी नींद मस्तिष्क को रीचार्ज करती है और तनाव को कम करने में सहायक होती है।
  4. सामाजिक जुड़ाव: परिवार और दोस्तों के साथ भावनात्मक जुड़ाव से मानसिक संतुलन और ताकत मिलती है।
  5. नशे से बचाव: शराब और नशीली दवाओं से दूरी बनाकर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

मध्य प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति को सुधारने के लिए सही समय पर उपचार और जागरूकता बेहद जरूरी है। मानसिक बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सही समय पर परामर्श लेने, और नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, तथा नशे से बचाव के उपाय अपनाकर मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

source internet

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