खबरवाणी
ग्राम पंचायत के सचिव का कारनामा : बर्तन की दुकान से लग रहे कम्प्यूटर सामग्री खरीदी के बिल,
बिल भुगतान की जानकारी लेने पर बौखलाए सचिव
आमला:- जनपद पंचायत आमला के अंतर्गत आने वाली पंचायत अपने कार्यो को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। जहाँ भ्रस्टाचार निर्माण में धांधली व फर्जी बिल लगाकर राशि आहरण करना कोई नई बात नही है। पंचायतों में ये सब आजकल आम हो गया है जहाँ सरपंच ओर सचिव अपने मनमर्जी से बिल लगाकर राशि निकाल लेते है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कभी पंचायत के द्वारा लगाए गए बिलो का सत्यापन या कोई जांच नही करता हैं।आमला जनपद की ग्राम पंचायत अंबाड़ा और जमदेही कला दोनों पंचायत एक ही सचिव रुशिलाल यादव के पास हैं। वैसे मूल पंचायत इनकी जमदेहिकला है और अतिरिक्त चार्ज में अंबाड़ा पंचायत भी इनके पास हि हैं।सचिव के द्वारा पंचायत दर्पण पोर्टल पर दोनों पंचायत में दिनांक 25 अकटुम्बर 2025 को एक साथ सामान खरीदी का बिल भुगतान चर्चा का विषय बना हुआ है। जिस दुकान से कंप्यूटर सामग्री खरीदना बता रहे है दरअसल उस दुकान में ऐसी कोई सामग्री मिलती है ना हि उस दुकान में कोई टेक्निकल जानकर है जो कंप्यूटर के विषय मे ज्ञान या दक्षता रखता हो । कंप्यूटर के पार्ट्स से संबंधित दुकान में साफ्टवेयर ,रिपेयरिंग,इंस्टालेशन,आदि वर्क होते है। न्यू सिस्टम भी ग्राहक के डिमांड के अनुसार मिलते हैं। लेकिन दोनों पंचायत में सचिव रुशिलाल ने जिस दुकान का बिल लगाया है उस दुकान में सिर्फ बर्तन गैस चूल्हा ,घरेलू उपयोग के सामान आदि मिलते है लेकिन पंचायत में लगे बिल को देखने से लगता है कि सचिव ने फर्जी बिल लगाकर अपना निजी स्वार्थ सिद्ध किया हैं।
एक साथ सामग्री की आवश्यकता
भले ही दोनों पंचायत का कार्यभार एक सचिव के पास हो लेकिन दोनों पंचायत में एक साथ सामग्री की आवश्यकता होना भी लगाए गए बिल पर कई सवाल खड़े करता हैं।दोनों पंचायत में लगे बिलो पर गौर करे तो सामान खरीदी एक साथ एक जैसी की है । जिससे सवाल यह उठ रहा कि क्या दोनों में पंचायत में एक साथ सामग्री की आवश्यकता पड़ी या सचिव ने जानबुचकर यह बिल लगाया है ।खैर जो भी हो अगर मामले की जांच की जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
जानकारी मांगते ही बौखलाए सचिव
बर्तन दुकान से कंप्यूटर व इलेक्ट्रॉनिक सामग्री खरीदी के संबंध में जब ग्राम पंचायत के सचिव रुशिलाल यादव से चर्चा की गई तो वे भुगतान के संबंध में जानकारी मांगने पर आवेस में आकर अभद्र भाषा का उपयोग जानकारी देने से बचते हुए वेंडर से लेने की बात कह रहे है।






