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बैतूल मंडी में किसानों के साथ वजन काटे में गड़बड़ी: 1 किलो से ज्यादा का डिफरेंस, मंडी व व्यापारियों पर लगे मिलीभगत के आरोप
रिपोर्ट प्रदीप यादव भीमपुर
किसानों का बैतूल मंडी पर विश्वास खत्म, परतवाड़ा पड़ोसी राज्य में भरोसा बढ़ा
बैतूल मंडी का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
बैतूल। बैतूल कृषि उपज मंडी में किसानों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ग्रामीण क्षेत्र के एक किसान ने वीडियो बनाकर खुलासा किया कि मंडी के खरीददार व्यापारियों के काटों (इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीनों) में भारी गड़बड़ी है। किसान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक ही माल को दो अलग-अलग काटों पर तौला गया, जिसमें 1 किलो 400 ग्राम तक का अंतर पाया गया। इस घटना ने किसानों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। उनका आरोप है कि मंडी कर्मचारियों और व्यापारियों की मिलीभगत से किसानों को लूटा जा रहा है।किसान ने वीडियो में स्पष्ट रूप से बैतूल मंडी का जिक्र करते हुए कहा, “हम बैतूल मंडी में हैं। काटा चेक किया। दो काटों में चेक किया, जिसमें एक काटे में वजन 54.300 किलो बताया गया, वहीं दूसरे काटे में 55.700 किलो आया। आप देख सकते हैं, लगभग 1 किलो 400 ग्राम का डिफरेंस है।” वीडियो में व्यापारी मुकेश कुमार के काटे का जिक्र किया गया है। किसान ने आगे बताया कि ऐसे कई काटे हैं जो जान बूझकर कम वजन दिखाते हैं, जिससे किसानों को उनका हक मार लिया जाता है।किसानों में भारी नाराजगी, किसानों में मंडी पर विश्वास कमजोर होता जा रहा है इस घटना के बाद मंडी में मौजूद अन्य किसानों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। एक किसान ने कहा, “मंडी और व्यापारियों की सांठगांठ से किसानों को चूना लगाया जा रहा है। बैतूल मंडी में अब अनाज बेचना यहां खतरे से खाली नहीं। हमेशा वजन में कमी आती है, जो बिल्कुल गलत है।” किसानों का कहना है कि मंडी समिति की लापरवाही से ऐसी गड़बड़ियां बढ़ रही हैं। वे डरते हैं कि नाम आने पर बड़े व्यापारियों का गुस्सा झेलना पड़ेगा, इसलिए कई किसान चुप्पी साधे रहते हैं। इस घटना ने मंडी के प्रति उनका विश्वास पूरी तरह डगमगा दिया है।
मंडी समिति से मांग:
तत्काल जांच और सुधार किसानों ने मंडी समिति से अनुरोध किया है कि सभी काटों की तत्काल जांच कराई जाए और गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक रूप से स्वतंत्र तीसरे पक्ष से काटों का सत्यापन किया जाए, ताकि भविष्य में किसानों के साथ ऐसा धोखा न हो। यदि मंडी समिति ने ध्यान नहीं दिया, तो किसान संगठित होकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।यह मामला बैतूल जिले के ग्रामीण किसानों के लिए गंभीर चिंता का विषय है, जहां अधिकांश परिवार अपनी आजीविका पर अनाज बिक्री पर निर्भर हैं। मंडी समिति को चाहिए कि इस शिकायत पर तुरंत संज्ञान ले और पारदर्शिता सुनिश्चित करे।
किसानों ने बताया बैतूल कृषि उपज मंडी में लगातार हो रही वजन काटों की गड़बड़ी ने किसानों का भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया है। परिणामस्वरूप, बैतूल जिले के सैकड़ों किसान अब महाराष्ट्र की परतवाड़ा मंडी की शरण ले रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बैतूल मंडी में मंडी समिति के लोग ,व्यापारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से लूट हो रही है, जबकि परतवाड़ा में पारदर्शिता और बेहतर दाम मिलते हैं। इस प्रवृत्ति से बैतूल मंडी का कारोबार प्रभावित हो रहा है। किसानों ने यह भी बताया कि बैतूल मंडी में भुगतान को लेकर भी बहुत समस्या बनती है दो चार दिन क्या हफ्ता लगा देते है भुगतान करने में इसीलिए किसान बैतूल मंडी से परेशान दिखाई दे रहा है





