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‘हर-हर महादेव… भोलेनाथ की जय’ से गूंजा शंकर मंदिर, 12 घंटे भक्ति में झूमीं महिलाएं
सावन में माता मोहल्ले के शंकर मंदिर में महिला रामसत्ता का आयोजन, शिव-पार्वती से लेकर राधा-कृष्ण और राम-सीता के भजनों पर देर रात तक चला भक्ति का दौर
भौरा। हर-हर महादेव… भोलेनाथ की जय… के जयघोष के बीच जब भजनों की स्वर लहरियां उठीं तो माता मोहल्ला स्थित शंकर मंदिर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। सावन माह के पावन अवसर पर शनिवार को आयोजित 12 घंटे की महिला रामसत्ता में नगर के विभिन्न वार्डों से पहुंचीं सैकड़ों महिलाएं भक्ति में ऐसी लीन हुईं कि सुबह 10 बजे से शुरू हुआ भजन-कीर्तन रात 10 बजे तक लगातार चलता रहा। कभी शिव-पार्वती की महिमा के भजन गूंजे तो कभी राधा-कृष्ण और राम-सीता की भक्ति में महिलाएं झूमती नजर आईं। भजनों की धुन पर महिलाओं ने तालियां बजाईं और सामूहिक रूप से नृत्य कर अपनी आस्था प्रकट की। सावन में भगवान शिव की आराधना को विशेष महत्व दिए जाने के कारण रामसत्ता की शुरुआत शिव भक्ति के भजनों से हुई। महिलाओं के समूहों ने बारी-बारी से भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की महिमा का गुणगान किया। हर-हर महादेव और भोलेनाथ की जय के जयकारों के बीच मंदिर परिसर में ऐसा माहौल बना कि आने-जाने वाले लोग भी कुछ देर रुककर भक्ति के इस आयोजन का हिस्सा बनते नजर आए।
फिल्मी गीतों की तर्ज पर भजनों ने बांधा समां
महिला रामसत्ता में पारंपरिक भजनों के साथ फिल्मी गीतों की तर्ज पर तैयार किए गए लोकप्रिय भक्ति गीतों ने भी माहौल में उत्साह भर दिया। महिलाओं ने परिचित धुनों पर भगवान शिव और माता पार्वती की महिमा के भजन गाए। भजनों की लय बढ़ने के साथ ही महिलाओं का उत्साह भी बढ़ता गया और कई महिलाएं भक्ति में झूमते हुए नृत्य करने लगीं। रामसत्ता के दौरान भगवान राधा-कृष्ण की भक्ति से जुड़े भजनों की प्रस्तुति ने भी खूब रंग जमाया। राधे-राधे और श्याम नाम के जयघोष के साथ महिलाओं ने कृष्ण भक्ति के गीत गाए। भजनों पर महिलाओं के सामूहिक नृत्य ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया। मंदिर परिसर में मौजूद अन्य श्रद्धालु भी तालियों के साथ भजनों में शामिल होते रहे।
10 बजे से रात 10 बजे तक चलता रहा भक्ति का सिलसिला
रामसत्ता में नगर के अलग-अलग वार्डों से पहुंचीं महिलाओं ने समूह बनाकर भजनों की प्रस्तुति दी। एक समूह के बाद दूसरा समूह भक्ति गीतों की कमान संभालता रहा। इस तरह सुबह 10 बजे शुरू हुआ भजन-कीर्तन रात 10 बजे तक चलता रहा। 12 घंटे के इस आयोजन में महिलाओं की सहभागिता और उत्साह देखते ही बन रहा था।
सावन के अवसर पर आयोजित महिला रामसत्ता ने धार्मिक आस्था के साथ नगर की महिलाओं को एकजुट करने का भी संदेश दिया। पूरे दिन शंकर मंदिर परिसर भजनों, तालियों और धार्मिक जयकारों से गूंजता रहा। रात 10 बजे रामसत्ता के समापन के साथ आयोजन का समापन हुआ, लेकिन सावन की भक्ति का रंग महिलाओं और श्रद्धालुओं के मन में देर तक बना रहा।





