Smart meter: मध्यप्रदेश में इन दिनों घर-घर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन इसके साथ ही कई सवाल और विवाद सामने आ रहे हैं। जबलपुर और रतलाम में स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ और बिल बढ़ने की शिकायतें आई हैं। इन सवालों के जवाब जानने के लिए विद्युत वितरण कंपनी के इंजीनियरों से बातचीत की गई, जिससे कुछ महत्वपूर्ण बातें सामने आईं:
1. स्मार्ट मीटर का काम कैसे करता है?
स्मार्ट मीटर डेटा कम्युनिकेशन पर आधारित है। यह हर 15 मिनट में बिजली की खपत का डेटा उपभोक्ता के फोन पर भेजता है।इसे प्रीपेड मोड में संचालित किया जाएगा, जिसमें पहले रिचार्ज कर बिजली का उपयोग किया जाएगा, जबकि वर्तमान में लगे मीटर पोस्टपेड मोड पर काम करते हैं।
2. इंटरनेट सप्लाई कैसे होगी?
इंटरनेट सप्लाई के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी और जीपीआरएस सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। रेडियो फ्रीक्वेंसी की एक तय रेंज होती है, जबकि जीपीआरएस में हर मीटर में सिम कार्ड लगाया जाएगा।
3. रिचार्ज कैसे होगा?
स्मार्ट मीटर का रिचार्ज उसी तरह किया जाएगा जैसे मोबाइल फोन की प्रीपेड सिम का रिचार्ज होता है। इसके लिए एक ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिससे उपभोक्ता मीटर रिचार्ज कर सकेंगे।
4. रिचार्ज खत्म होने पर क्या होगा?
रिचार्ज खत्म होने के बाद उपभोक्ता को तीन दिन का समय मिलेगा। इस दौरान वह रिचार्ज कर सकेगा। कुछ विशेष मौकों (जैसे रविवार या त्योहार) पर बिजली काटी नहीं जाएगी।
5. गांवों में स्मार्ट मीटर कैसे लगेंगे?
सरकार का लक्ष्य पूरे देश में स्मार्ट मीटर लगाना है। गांवों में परिस्थितियों के अनुसार समाधान निकाला जाएगा, और वहां भी मीटर लगाए जाएंगे।
6. स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ संभव है?
केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, यह मीटर साइबर अटैक से सुरक्षित हैं और इन्हें हैक करना संभव नहीं है। लेकिन अगर फिजिकली मीटर के सर्किट से छेड़छाड़ की जाती है, तो इसका पता तुरंत चल जाएगा।
7. जबलपुर में कैसे छेड़छाड़ हुई?
जबलपुर में मीटर के सर्किट से छेड़छाड़ की गई थी, जो कि अवैध है। रेगुलर मीटर में टेम्परिंग को पकड़ना मुश्किल होता था, लेकिन स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी तुरंत पकड़ में आ जाती है।
8. स्मार्ट मीटर की मॉनिटरिंग कैसे होगी?
इसके लिए एक डेटा सेंटर विकसित हो रहा है, जहां मीटर से कलेक्ट डेटा का AI एनालिसिस किया जाएगा। इससे गड़बड़ी तुरंत पकड़ी जा सकेगी।
9. कंज्यूमर को क्या फायदे होंगे?
शिकायतें कम होंगी, क्योंकि रीडिंग और बिल जनरेट करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमैटिक होगी।उपभोक्ता खुद बिजली की खपत को नियंत्रित कर सकेंगे।बिजली सप्लाई की समस्याओं का पता पहले ही चल जाएगा, जिससे तुरंत समाधान हो सकेगा।
10. बिजली के बढ़े बिल की शिकायतें क्यों आ रही हैं?
कंपनियों में रोजाना 1,000 मीटर की टेस्टिंग हो रही है। जहां भी शिकायतें आ रही हैं, उनकी जांच की जा रही है।इन जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि स्मार्ट मीटर नई तकनीक पर आधारित है और इससे उपभोक्ताओं को कई फायदे होंगे। हालांकि, शुरुआती समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, सरकार और कंपनियां सुधार कर रही हैं।
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