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शिक्षक दिवस पर सर्रई में शिक्षा संजीवनी अभियान की शुरुआत
जनपद सीईओ मेश्राम जी ने किया शुभारंभ, स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने और शैक्षणिक स्तर सुधारने पर जोर
सर्रई। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को ग्राम सर्रई में शिक्षा संजीवनी अभियान की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में जनपद पंचायत के सीईओ मेश्राम जी सहित अधिकारी, शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे। अभियान के माध्यम से शासकीय विद्यालयों में अधोसंरचना मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
स्कूलों में जरूरी सुविधाओं पर जोर
शिक्षा संजीवनी अभियान के तहत विद्यालयों में आवश्यकता के अनुसार डेस्क-बेंच, बिजली, पंखे, प्रकाश व्यवस्था, ई-लर्निंग टूल्स, क्रियाशील शौचालय और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा डिजिटल शिक्षा, आधुनिक लाइब्रेरी, कंप्यूटर तथा अन्य शैक्षणिक संसाधनों को बढ़ावा देने की योजना है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी फोकस
अभियान का उद्देश्य केवल स्कूलों की भौतिक सुविधाओं में सुधार तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता बढ़ाने के साथ उपचारात्मक शिक्षा, करियर मार्गदर्शन तथा NEET, JEE, ओलंपियाड सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल मैदान एवं आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
अधिकारियों के लिए केला-मिठाई, बच्चों के हिस्से में चॉकलेट
कार्यक्रम में व्यवस्था को लेकर भेदभाव का सवाल भी उठता नजर आया। एक ओर अधिकारियों के लिए केले और मिठाई की व्यवस्था की गई, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम में मौजूद स्कूली बच्चों को केवल चॉकलेट दी गई। शिक्षक दिवस जैसे अवसर पर, जहां बच्चों को सम्मान और समान व्यवहार का संदेश दिया जाना चाहिए था, वहां अधिकारियों और विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग तरह की खाद्य सामग्री की व्यवस्था चर्चा का विषय बन गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच इस व्यवस्था को लेकर सवाल उठे कि जब आयोजन बच्चों और शिक्षा के नाम पर था, तो स्वागत-सत्कार में यह अंतर क्यों रखा गया?
जनभागीदारी से स्कूलों के विकास का प्रयास
अभियान में प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं, उद्योगों, नागरिकों और अन्य संस्थाओं की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना गया है। ‘डोनेट डेस्क-बेंच’ जैसी पहल के माध्यम से समाज को विद्यालयों के विकास से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
शिक्षक दिवस से चयनित विद्यालयों में अधोसंरचना विकास के कार्य शुरू किए जाने की योजना है। अब सर्रई में अभियान के शुभारंभ के बाद स्थानीय विद्यालय में प्रस्तावित सुविधाएं और विकास कार्य कितनी तेजी से धरातल पर उतरते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।





