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“दुनावा चौकी पर गंभीर सवाल! रहस्यमयी नकदी मामले में जांच से पहले ही भिखारी को भेजा गया”
दुनावा। दुनावा चौकी क्षेत्र में सामने आए रहस्यमयी नकदी मामले को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार भारी नकदी के साथ मिले एक भिखारी को पूरी रात चौकी में बैठाकर रखा गया, लेकिन इसके बावजूद किसी प्रकार की ठोस जांच-पड़ताल नहीं की गई। अगले दिन उसे ट्रेन में बैठाकर रवाना कर दिए जाने की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है।
सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि कथित नकदी को डायल-100 वाहन में रखा गया था और पुलिस उसे लेकर घूमती रही। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में इस बात को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि रकम पुलिस के कब्जे में थी, तो उसकी जब्ती, रोजनामचा एंट्री और अन्य कानूनी प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से स्पष्ट क्यों नहीं की गई।
स्थानीय लोगों का दावा है कि जिस भिखारी के पास भारी नकदी होने की बात कही जा रही थी, वह बाद में खाली हाथ घूमता नजर आया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर रकम कहां गई और पूरे मामले में क्या कार्रवाई की गई।
मामले में उस समय और विवाद बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुलिसकर्मी लोगों को वीडियो बनाने से रोकते नजर आए। वीडियो के सामने आने के बाद लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि आखिर पूरे घटनाक्रम को कैमरे में रिकॉर्ड होने से क्यों रोका जा रहा था।
कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पूरी रात चौकी में बैठाने के बावजूद न तो किसी विस्तृत पूछताछ की जानकारी सामने आई और न ही मामले को लेकर कोई आधिकारिक खुलासा किया गया। इसके बाद अचानक भिखारी को ट्रेन में बैठाकर भेज दिया गया।
अब क्षेत्र के लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि बिना जांच और बिना स्पष्ट दस्तावेजी प्रक्रिया के व्यक्ति को रवाना किया गया, तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।





