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सारनी प्लांट हादसा: लापरवाही भारी, करंट की चपेट में आकर वेल्डर 60% झुलसा
डिसमेंटल कार्य के दौरान नहीं काटी गई बिजली सप्लाई, सुरक्षा नियमों की अनदेखी उजागर
खबरवाणी न्यूज़ रफीक
सारनी। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (एमपीपीजीसीएल) के सारणी स्थित प्लांट में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां डिसमेंटल (हटाने) के कार्य के दौरान एक वेल्डर करंट की चपेट में आकर करीब 60 प्रतिशत तक झुलस गया। हादसे ने प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था और चिनार कंपनी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, प्लांट की पुरानी यूनिट में डिसमेंटल का कार्य चल रहा था। इसी दौरान ठेका कंपनी के अधीन कार्य कर रहा वेल्डर बिना बिजली सप्लाई बंद किए ही काम कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक चालू लाइन के संपर्क में आने से तेज करंट लगा और वेल्डर बुरी तरह झुलस गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घायल वेल्डर को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि हादसे के बाद मामले को दबाने की कोशिश भी की गई और आनन-फानन में घायल को दूसरे अस्पताल ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि डिसमेंटल कार्य के दौरान जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। न तो लाइन को पूरी तरह डी-एनर्जाइज किया गया और न ही सुरक्षा उपकरणों का समुचित उपयोग हुआ। यह भी सामने आया है कि पिछले कुछ समय में इस तरह की यह दूसरी बड़ी घटना है, जिससे साफ है कि सुरक्षा नियम केवल कागजों तक सीमित हैं।
इधर, मजदूर संगठनों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि बार-बार हो रही दुर्घटनाएं ठेकेदारों की मनमानी और विभागीय लापरवाही का परिणाम हैं। मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ रही है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में जांच के बाद ही वास्तविक जिम्मेदारी तय होगी, लेकिन इतना जरूर है कि इस हादसे ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।





