Mallikarjun Kharge on RSS-BJP: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा प्रहार किया। खड़गे ने कहा कि जो लोग आज खुद को राष्ट्रवाद के ठेकेदार बताते हैं, उन्होंने कभी ‘वंदे मातरम’ या ‘जन गण मन’ अपने शाखाओं या कार्यालयों में नहीं गाया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए RSS और BJP पर जमकर निशाना साधा।
खड़गे बोले – राष्ट्रवाद का ढोंग करने वालों ने नहीं गाया राष्ट्रगान
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह बेहद विडंबनापूर्ण है कि जो संगठन खुद को देशभक्ति का प्रतीक बताते हैं, वही राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान से दूरी बनाए हुए हैं। उन्होंने लिखा कि RSS की शाखाओं में न तो ‘वंदे मातरम’ गाया जाता है, न ही ‘जन गण मन’। इसके बजाय, संघ की शाखाओं में सिर्फ ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे’ गीत गाया जाता है, जो संगठन की महिमा का गुणगान करता है, न कि भारत माता का।
1925 से RSS टाल रहा ‘वंदे मातरम’
खड़गे ने अपने पोस्ट में लिखा कि 1925 में RSS की स्थापना के बाद से ही संगठन ने ‘वंदे मातरम’ को अपनाने से परहेज किया है। जबकि यह गीत भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा था, संघ ने हमेशा इससे दूरी बनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS और संग परिवार ने ब्रिटिश हुकूमत का समर्थन किया और आज वही लोग खुद को राष्ट्रवादी बताने का दावा करते हैं।
‘52 साल तक RSS ने नहीं फहराया तिरंगा’
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे लिखा कि RSS ने 52 वर्षों तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया। यही नहीं, संघ परिवार ने भारतीय संविधान का अपमान किया, गांधीजी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के पुतले जलाए, और सरदार पटेल के शब्दों में, गांधीजी की हत्या की साजिश में भी शामिल रहे। खड़गे ने कहा कि यह इतिहास खुद बताता है कि कौन देशभक्त था और कौन नहीं।
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कांग्रेस करती है ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ का सम्मान
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिए ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ दोनों ही भारत की एकता, सम्मान और गौरव के प्रतीक हैं। कांग्रेस के हर अधिवेशन और कार्यक्रम में इन गीतों को पूरे सम्मान के साथ गाया जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भारत की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है, जबकि संघ और भाजपा सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रवाद की आड़ लेते हैं।





