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आरओ वॉटर के नाम पर गड़बड़ झाला, गुणवत्ता की जांच नहीं — क्या जनता के स्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़
गर्मी बढ़ते ही आरओ पानी की मांग में इजाफा, कई जगह बिना जांच के सप्लाई हो रहा पानी, सम्बंधित विभाग की निगरानी पर उठ रहे सवाल
बुरहानपुर। ज्ञानेश्वर तायडे
गर्मी का मौसम शुरू होते ही शहर में पीने के शुद्ध पानी की मांग तेजी से बढ़ने लगती है। इसी के चलते इन दिनों आरओ वॉटर की मांग भी काफी बढ़ गई है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई जगहों से 20 लीटर के कैन में आरओ पानी की सप्लाई की जा रही है। लेकिन इसी बीच आरओ वॉटर के नाम पर गड़बड़झाला होने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई स्थानों पर आरओ वॉटर प्लांट संचालक बिना किसी नियमित गुणवत्ता जांच के ही पानी की सप्लाई कर रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब पानी की शुद्धता की जांच ही नहीं हो रही है तो यह कैसे तय होगा कि लोगों को दिया जा रहा पानी पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं।
गर्मी में बढ़ जाती है आरओ पानी की मांग
गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने के साथ ही लोगों की पानी की खपत भी बढ़ जाती है। कई घरों में शुद्ध पानी के लिए आरओ मशीन नहीं होने के कारण लोग बाजार से आरओ पानी के कैन खरीदते हैं।
शहर में कई छोटे-बड़े आरओ प्लांट संचालित हो रहे हैं जो घरों, दुकानों, होटलों और कार्यालयों तक पानी की सप्लाई करते हैं। गर्मी बढ़ने के साथ इन प्लांटों का कारोबार भी तेजी से बढ़ जाता है।
लेकिन सवाल यह है कि क्या इन सभी प्लांटों में पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच हो रही है या नहीं।
गुणवत्ता जांच नहीं होने की चर्चा
सूत्रों के अनुसार शहर के कई क्षेत्रों में आरओ वॉटर प्लांट तो चल रहे हैं लेकिन पानी की गुणवत्ता की जांच नियमित रूप से नहीं की जा रही है।
पानी की शुद्धता को परखने के लिए टीडीएस स्तर, बैक्टीरिया की जांच और अन्य वैज्ञानिक परीक्षण आवश्यक होते हैं। यदि इन मानकों का पालन नहीं किया जाता तो पानी पीने योग्य नहीं माना जाता।
कई लोगों का कहना है कि कई जगह केवल आरओ के नाम पर साधारण फिल्टर या मशीन लगाकर पानी सप्लाई किया जा रहा है।
20 लीटर के कैन में हो रही सप्लाई
शहर में ज्यादातर आरओ पानी 20 लीटर के प्लास्टिक कैन में घर-घर पहुंचाया जाता है। कई कॉलोनियों में रोजाना बड़ी मात्रा में पानी की सप्लाई होती है।
हालांकि यह भी देखने में आता है कि कई बार इन कैन की सफाई और सैनिटाइजेशन पर भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। यदि कैन की साफ-सफाई ठीक से नहीं की जाए तो उसमें बैक्टीरिया पनपने की संभावना भी रहती है।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार यदि पानी पूरी तरह शुद्ध नहीं हो तो इससे कई तरह की बीमारियां फैल सकती हैं। दूषित पानी के कारण पेट दर्द, उल्टी-दस्त, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
इसलिए जरूरी है कि पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
विभागीय निगरानी जरूरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को समय-समय पर आरओ वॉटर प्लांटों की जांच करनी चाहिए। यदि कोई प्लांट बिना अनुमति या नियमों के खिलाफ संचालित हो रहा है तो उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
साथ ही पानी के सैंपल लेकर उसकी लैब में जांच भी करवाई जानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लोगों को मिलने वाला पानी सुरक्षित है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
शहर के नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि आरओ वॉटर प्लांटों की नियमित जांच की जाए और जो संचालक मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि पीने का पानी सीधे स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ विषय है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
गर्मी के मौसम में आरओ पानी की बढ़ती मांग के बीच गुणवत्ता जांच का मुद्दा गंभीर बनता जा रहा है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह आम जनता के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में जरूरी है कि संबंधित विभाग इस मामले में सक्रियता दिखाए और आरओ वॉटर सप्लाई व्यवस्था की नियमित जांच सुनिश्चित करे।





