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मानसून से पहले ईंधन का सूखा, किसानों की सांसें अटकीं

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खबरवाणी

मानसून से पहले ईंधन का सूखा, किसानों की सांसें अटकीं

चार दिन से भौंरा पंप पर नहीं मिल रहा पेट्रोल-डीजल, शाहपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी कमी; खेती और परिवहन प्रभावित

भौंरा। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच भौंरा, शाहपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की कमी किसानों और वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। भौंरा पेट्रोल पंप पर पिछले चार दिनों से पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं होने की स्थिति बनी हुई है, वहीं शाहपुर सहित अन्य क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन की कमी बताई जा रही है। इसका सीधा असर खेती-किसानी और परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है। इन दिनों किसान बारिश शुरू होने से पहले खेतों का समतलीकरण, जुताई और अन्य जरूरी कार्यों में जुटे हुए हैं, ताकि मानसून की पहली अच्छी बारिश के साथ बुवाई शुरू की जा सके। लेकिन डीजल की कमी के कारण कई किसानों के ट्रैक्टर खड़े हो गए हैं और खेतों की तैयारी प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर खेत तैयार नहीं हुए तो बुवाई में देरी होगी, जिससे उत्पादन और आय दोनों पर असर पड़ सकता है।

ग्राम बानाबेहड़ा निवासी किसान महादेव मर्सकोले, जिनके पास लगभग पांच एकड़ कृषि भूमि है, ने बताया कि डीजल नहीं मिलने के कारण वे अपने खेत तैयार नहीं कर पा रहे हैं। बारिश कभी भी शुरू हो सकती है, लेकिन खेतों की जुताई और समतलीकरण का काम अधूरा पड़ा हुआ है। यदि समय पर डीजल नहीं मिला तो बुवाई प्रभावित हो सकती है।

वहीं किसान अजय मिश्रा ने कहा कि खरीफ सीजन का यह सबसे महत्वपूर्ण समय है। किसान दिन-रात खेत तैयार करने में जुटे हैं, लेकिन ईंधन की कमी ने पूरे काम की रफ्तार रोक दी है। यदि जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ईंधन संकट का असर आम लोगों पर भी पड़ रहा है। निजी वाहन चालकों के साथ-साथ मालवाहक और व्यावसायिक वाहनों के संचालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग ईंधन की तलाश में दूसरे कस्बों का रुख करने को मजबूर हैं, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि हो रही है।

भौंरा पेट्रोल पंप संचालक मुकेश खंडेलवाल ने बताया कि पिछले लगभग आठ दिनों से एजेंसी द्वारा पर्याप्त मात्रा में डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब कंपनी से माल ही नहीं आ रहा है तो उपभोक्ताओं को ईंधन उपलब्ध कराना संभव नहीं है। आपूर्ति बाधित होने के कारण पंप पर स्टॉक समाप्त हो गया है।
क्षेत्र में ईंधन संकट ऐसे समय सामने आया है जब कृषि गतिविधियां चरम पर हैं और मानसून दस्तक देने वाला है। किसानों और ग्रामीणों ने संबंधित तेल कंपनी तथा प्रशासन से शीघ्र आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो खेती, परिवहन और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

बढ़ रही किसानों की चिंता

किसानों का कहना है कि खरीफ फसल की सफलता काफी हद तक समय पर खेत तैयार होने पर निर्भर करती है। ऐसे में डीजल-पेट्रोल की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि कृषि सीजन को देखते हुए क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

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