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अंकल, हमें बिजली दो, हम कहां से पढ़ाई करें?
आमला में बच्चों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग को सौंपा ज्ञापन, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी। आमला, मध्य प्रदेश:
आमला ब्लॉक के ग्राम पंचायत ठांनी के अंतर्गत आने वाले झीरीडोल ढाने के ग्रामीण और स्कूली छात्र-छात्र-छात्राओं ने बिजली की समस्या को लेकर मध्य प्रदेश विद्युत मंडल, आमला में पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के दौरान बच्चों ने मासूमियत और पीड़ा के साथ विद्युत विभाग के सहायक प्रबंधक से गुहार लगाते हुए कहा, “अंकल, हमें बिजली दो, हम कहां से पढ़ाई करेंगे?”
3 किलोमीटर दूर से ला रहे हैं बिजली:
ग्रामीणों और छात्र-छात्र-छात्राओं ने प्रबंधन को बताया कि उनके ढाने में बिजली नहीं है और ना ही बिजली का कोई पोल लगा हुआ है। मजबूरन लोग 3 किलोमीटर दूर से बिजली खींचकर अपने घरों में जला रहे हैं। स्थायी बिजली न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई में भारी परेशानी आ रही है, साथ ही अंधेरे में सांप-बिच्छू का भी लगातार डर बना रहता है।
खेतों तक हैं पोल और ट्रांसफॉर्मर, फिर भी ढाना अंधकार में:
ग्रामीणों ने बताया कि उनके ढाने से कुछ ही दूरी पर खेतों में बिजली के पोल और ट्रांसफॉर्मर लगे हुए हैं और वहां से कई कनेक्शन भी दिए गए हैं। इसके बावजूद उनके क्षेत्र को नजरअंदाज किया जा रहा है। कई बार पत्र और ज्ञापन देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी:
ग्रामीणों और छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी इस समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो उन्हें मजबूरन उग्र आंदोलन करना पड़ेगा, जिसकी सारी जवाबदारी विद्युत प्रबंधन की होगी।
इस दौरान चरणलाल, दिपाशू, पलवी, शालिनी, आयरन, राकेश, अंकित, लक्ष्मण, मनोज और भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष अनिल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





