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आरटीओ विभाग की लापरवाही

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खबरवाणी

आरटीओ विभाग की लापरवाही

सड़कों पर बेधड़क दौड़ रहे फोर व्हीलर खटारा वाहन, बड़ा हादसा होने की आशंका

बुरहानपुर
जिले की सड़कों पर इन दिनों खटारा फोर व्हीलर वाहनों का संचालन खुलेआम किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि ऐसे वाहन बिना किसी वैध दस्तावेज और नियमों के बावजूद बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इस पूरे मामले में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) विभाग की लापरवाही सामने आ रही है, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों से मीली
जानकारी के अनुसार जिले में बड़ी संख्या में ऐसे फोर व्हीलर वाहन चल रहे हैं जिनकी फिटनेस अवधि पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। कई वाहनों के बीमा, पंजीयन (आरसी) और प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी) भी वैध नहीं हैं। इसके बावजूद इन वाहनों पर कोई ठोस कार्रवाई न होना आरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है।
बिना लाइसेंस चला रहे चालक, नियमों की उड़ रही धज्जियां
स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब यह सामने आता है कि खटारा वाहनों को चलाने वाले कई चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं होता। बिना प्रशिक्षण और नियमों की जानकारी के ऐसे चालक तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
मोटर व्हीकल अधिनियम के तहत बिना लाइसेंस वाहन चलाना दंडनीय अपराध है, लेकिन जिले में इस नियम का पालन होते नहीं दिख रहा।
तकनीकी रूप से असुरक्षित खटारा वाहन
विशेषज्ञों के अनुसार खटारा वाहन सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक होते हैं। इन वाहनों के ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, इंजन और लाइट सिस्टम अक्सर खराब स्थिति में रहते हैं। किसी भी समय वाहन अनियंत्रित होकर गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार लोगों का कहना है कि जिले में कई बार खटारा वाहनों के कारण छोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन आर टीओ की ओर से इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
आरटीओ विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल
आरटीओ विभाग का मुख्य दायित्व है कि सड़कों पर केवल वही वाहन चलें जो पूरी तरह से फिट और दस्तावेजों में वैध हों। इसके लिए समय-समय पर वाहन जांच और फिटनेस परीक्षण किया जाना आवश्यक है।
लेकिन बुरहानपुर जिले में खटारा वाहनों की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि नियमित जांच अभियान या तो हो नहीं रहे या केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।

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