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सड़क दुर्घटना नहीं, सोची-समझी हत्या थी! दो हाईवा से कुचलकर की गई थी हत्या, पुलिस अधीक्षक की सूझबूझ से हुआ पर्दाफाश 8 आरोपी गिरफ्तार
नरसिंहपुर। दिनांक 19 जुलाई 2026 को थाना सुआतला क्षेत्र के अंतर्गत इंद्रानगर के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई दर्दनाक घटना, जिसे शुरुआती तौर पर एक भीषण सड़क दुर्घटना समझा जा रहा था, दरअसल एक पूर्व नियोजित और खौफनाक हत्या की साजिश निकली। तेज रफ्तार हाईवा द्वारा सड़क किनारे खड़े 6-7 लोगों को टक्कर मारने की इस घटना में राजेंद्र पटेल की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि अन्य चार लोगों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था और एक घायल का उपचार जारी है।
पुलिस अधीक्षक ने स्वयं संभाली जांच की कमान
घटना की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया ने तत्काल रात में ही घटनास्थल का रुख किया। उन्होंने लगभग 4-5 घंटे तक घटनास्थल, आसपास के क्षेत्र और स्थानीय रहवासियों से गहन बातचीत कर महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए।
एक छोटे से सुराग ने खोली हत्या की परतें
प्रथम दृष्टया यह मामला महज एक सड़क हादसा लग रहा था, लेकिन घटनास्थल के सूक्ष्म निरीक्षण के दौरान सड़क पर टाटा कंपनी के वाहन का टूटा हुआ अंग्रेजी अक्षर “A” (मोनोग्राम) मिला। यही छोटा सा सुराग इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
इसके बाद पुलिस टीमों ने शाहपुरा (जिला जबलपुर) से लेकर घटनास्थल और राजमार्ग के विभिन्न चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का घंटों तक तकनीकी एवं वैज्ञानिक विश्लेषण किया। लगातार चली इस विवेचना के परिणामस्वरूप घटना में प्रयुक्त हाईवा डम्पर को हीरापुर-बंदरोहा के जंगलों से बरामद कर लिया गया, जिससे जांच को निर्णायक दिशा मिली।
पूछताछ में खुली हत्या की खौफनाक साजिश
संदेही राजा पटेल को हिरासत में लेकर की गई गहन पूछताछ में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिन्होंने पूरी विवेचना का रुख ही बदल दिया। जांच में सामने आया कि मृतक राजेंद्र पटेल और मुख्य आरोपी आनंद पटेल के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी। इसी रंजिश के चलते मुख्य आरोपी ने राजेंद्र की हत्या की सोची-समझी साजिश रची थी।
दो हाईवा डंपरों की थी रणनीतिक तैनाती
साजिश के तहत आरोपियों ने दो हाईवा डंपरों को भोपाल और जबलपुर लेन पर रणनीतिक रूप से तैनात कर रखा था, ताकि मृतक जिस भी दिशा में मिले, उसे उसी वक्त कुचला जा सके। राजा पटेल लगातार मृतक की लाइव लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी मोबाइल के जरिए मुख्य आरोपियों तक पहुंचा रहा था। जैसे ही सटीक लोकेशन मिली, हाईवा से टक्कर मारकर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया।
रातभर जंगलों में चला सर्च ऑपरेशन, 8 आरोपी गिरफ्तार
साजिश का खुलासा होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भरत पटेल और अनिल पटेल (दोनों निवासी सुंदरादेही, जिला जबलपुर) को गिरफ्तार किया। इसके बाद मुख्य आरोपी आनंद पटेल, अनुज पटेल (दोनों निवासी सुंदरादेही, जबलपुर), अरविंद पटेल, नरेंद्र ठाकुर (निवासी दमोह) और अमित खरे (निवासी संजीवनी नगर, जबलपुर) सहित कुल 8 आरोपियों को धर दबोचा गया। अन्य आरोपी घने जंगलों में भागे थे, जिनकी तलाश में पुलिस ने पूरी रात सघन सर्च ऑपरेशन चलाया।
प्रकरण में आरोपियों की संलिप्तता
आनंद पटेल (लोधी) मुख्य आरोपी घटना में प्रयुक्त हाईवा का चालक एवं पूरे षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार।
अनुज पटेल घटना के समय मुख्य आरोपी के साथ हाईवा में मौजूद रहकर सहयोग किया।
राजा पटेल घटना से पूर्व मृतक की रैकी कर लगातार लोकेशन साझा की।
अरविंद पटेल मृतक की गतिविधियों की सूचना देने वाला प्रमुख मुखबिर।
भरत पटेल लोकेशन एवं गतिविधियों की जानकारी देने में सहयोग करने वाला मुखबिर।
अनिल पटेल घटना के बाद आरोपियों को शरण और सहयोग दिया।
नरेन्द्र ठाकुर आरोपियों को शरण देने एवं सहयोग की भूमिका।
अमित खरे दुर्घटना का स्वरूप देने की सलाह देकर साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया।
जप्ती और वैधानिक कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना प्रयुक्त हाईवा डम्पर, काले रंग की महिंद्रा थार, सफेद रंग की टोयोटा फॉर्च्यूनर और मोबाइल फोन विधिवत जप्त कर लिए हैं।
सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 109(1), 103, 61(2)(क) एवं 249 के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम विवेचना जारी है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस चुनौतीपूर्ण एवं कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में एसडीओपी तेंदूखेड़ा अभिनव मिश्रा, एसडीओपी नरसिंहपुर मनोज गुप्ता, उप पुलिस अधीक्षक उमेश तिवारी, निरीक्षक गौरव चाटे, किशोर वामनकर, प्रियंका केवट, उप निरीक्षक मनीष मरावी, आशीष बोपचे, सउनि सुमित तिवारी, प्रधान आरक्षक आशीष मिश्रा, राजेश वागरी, जितेन्द्र ठाकुर, कुलदीप सोमकुंवर, अशोक कुमार, आरक्षक पंकज राजपूत एवं अजय ठाकुर की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।





