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स्वर्ण समाज का हल्ला बोल यूजीसी कानून के विरोध में रैली, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

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खबरवाणी

स्वर्ण समाज का हल्ला बोल यूजीसी कानून के विरोध में रैली, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

आमला। आज स्वर्ण समाज आमला ने यूजीसी (विश्व विद्यालय अनुदान आयोग) द्वारा प्रस्तावित कानून के विरोध में जनपद चौराहे से अनुविभागीय कार्यालय तक रैली निकाली। रैली में स्वर्ण समाज की प्रभावी मौजूदगी रही। स्वर्ण समाज की महिलाएं भी रैली में सम्मिलित हुई। स्वर्ण समाज के लोग काले कानून को वापस लेने, मोदी सरकार होश में आओ, सामान्य वर्ग से भेदभाव नहीं चलेगा कि तख्तियां लेकर चल रहे थे। स्वर्ण समाज के लोग यूजीसी कानून के विरोध में नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय आमला में पहुंचे। स्वर्ण समाज की रैली में ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, सिंधी, पंजाबी, जैन सहित अन्य स्वर्ण

बालाजी इंजीनियरिंग कालेज में कैंपस ड्राइव आज

समाज के लोग सम्मिलित हुए। एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया आमला को स्वर्ण समाज ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा।

ज्ञापन में प्रस्तावित यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) को काला कानून बताया गया। जो पूरी तरह से स्वर्ण समाज के खिलाफ है। ज्ञापन में उल्लेख है कि वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यूजीसी का

यह प्रस्तावित कानून विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता को प्रभावित कर सकता है। परेशान करने वाला पक्षपात पूर्ण समाज में भेदभाव उत्पन्न करने वाला है जो असमानता को जन्म देने वाला कानून है इससे

राज्य सरकारों की भूमिका सीमित होने, शैक्षणिक निर्णयों में अत्यधिक केंद्रीकरण होने तथा शिक्षा की लोकतांत्रिक और समावेशी प्रकृति को नुकसान पहुँचने की आशंका है। साथ ही, शिक्षकों की नियुक्ति, पाठ्यक्रम निर्धारण और शोध की स्वतंत्रता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उच्च शिक्षा किसी भी राष्ट्र की बौद्धिक रीढ़ होती है। यदि इसमें बिना व्यापक विचार विमर्श और सभी हितधारकों की सहमति के परिवर्तन किए जाते हैं, तो इसका दीर्घकालिक दुष्प्रभाव देश के भविष्य पर पड़ सकता है। संविधान में यह लिखा है की सभी को समता समानता से जीने का अधिकार है सभी समान है ऐसा नारों में भी उद्घोष किया जाता है कि जो संविधान की मूल भावना भी है, हम सब एक हैं, किंतु यूजीसी काला कानून एवं इस तरह के अन्य कानून विद्यार्थियों के भविष्य पर घातक एवं गलत प्रभाव डालते हैं और डालेंगे. इस कानून से जिन्हें लाभान्वित किया गया है वह कारणवश सवर्ण समाज (जिसमे की ब्राह्मण क्षत्रिय और वैश्य एवं अन्य सामान्य जातियां जिसमें आती है) को द्वेष वश या लाभवश या प्रतिस्पर्धा को समाप्त कर स्वार्थ सिद्धि के लिए दुरुपयोग किए जाने की पूर्ण प्रबल संभावना है आज सवर्ण समाज में बहुत दुख व्याप्त है।

बैतूल। जिले के एकमात्र इंजीनियरिंग कॉलेज श्री बालाजी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट बैतूल में विद्यार्थियों के रोजगार को लेकर एक बड़ा अवसर सामने आया है। प्रसिद्ध मल्टीनेशनल कंपनी स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड द्वारा आज 2 फरवरी दिन सोमवार को कॉलेज कैंपस में पुल केंपस ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है। इस केंपस ड्राइव के माध्यम से सिविल इंजीनियरिंग एवं इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग ब्रांच में अध्ययनरत विद्यार्थियों का साक्षात्कार के पश्चात चयन किया जाएगा।

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