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बुरहानपुर फोरलेन हाईवे बना खतरा: निर्माण के कुछ महीनों में ही उभरे गड्ढे, लापरवाही या भ्रष्टाचार

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खबरवाणी

बुरहानपुर फोरलेन हाईवे बना खतरा: निर्माण के कुछ महीनों में ही उभरे गड्ढे, लापरवाही या भ्रष्टाचार

बुरहानपुर
महाराष्ट्र अमरावती से जोड़ने वाला बहुचर्चित फोरलेन हाईवे अब सवालों के घेरे में आ गया है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित यह हाईवे निर्माण के कुछ ही महीनों के भीतर जगह-जगह गड्ढों में तब्दील होता दिखाई दे रहा है। विशेष रूप से ताप्ती नदी के बेली घाट पुलिया क्षेत्र में हालात बेहद चिंताजनक हैं, जहां 10 से 12 बड़े गड्ढे सड़क की गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों के अनुसार, जिस हाईवे को सुरक्षित और सुगम यातायात के लिए बनाया गया था, वही अब दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। गड्ढों को भरने के लिए मिट्टी से भरी बोरियों का उपयोग किया गया है, जो अस्थायी और अवैज्ञानिक उपाय माना जा रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया।
भारी वाहनों के लिए बढ़ा खतरा
यह मार्ग भारी वाहनों के आवागमन के लिए प्रमुख मार्ग है। यदि ऐसे गड्ढों से भरे मार्ग पर ट्रक या अन्य भारी वाहन गुजरते हैं, तो दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। पुलिया क्षेत्र में स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, जहां संतुलन बिगड़ने पर वाहन नीचे गिर सकते हैं।
जनता की सुरक्षा से खिलवाड़?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण में लापरवाही बरती गई है या फिर लागत में कटौती कर घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। सवाल यह उठता है कि क्या इस तरह की सड़कें जनता की सुविधा के लिए बनाई जा रही हैं या फिर यह किसी बड़े भ्रष्टाचार का परिणाम हैं?
सरकारी धन का दुरुपयोग?
सरकार द्वारा सड़क निर्माण के लिए भारी-भरकम बजट स्वीकृत किया गया था। ऐसे में कुछ ही महीनों में सड़क की यह स्थिति सामने आना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। यह मामला सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर भी संकेत करता है।
जिम्मेदारी तय करने की मांग
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है?
क्या निर्माण एजेंसी?
क्या निगरानी करने वाला विभाग?
या फिर संबंधित ठेकेदार?
स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
अब तक इस गंभीर समस्या को लेकर संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या बयान सामने नहीं आया है। यह चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है।
तत्काल सुधार की आवश्यकता
विशेषज्ञों का मानना है कि:
सड़क की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए
गड्ढे तीन से चार फीट गहरे गड्ढे हो गए
दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई हो
भविष्य में ऐसे कार्यों की सख्त मॉनिटरिंग की जाए
बुरहानपुर से महाराष्ट्र को जोड़ने वाला यह फोरलेन हाईवे क्षेत्र की आर्थिक और यातायात व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन यदि इसकी गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह विकास का प्रतीक बनने के बजाय हादसों का कारण बन सकता है। समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो कोई बड़ी दुर्घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

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