Betul News | बिना मुसाफिरी दर्ज कराए बेच रहे आईस्क्रीम

शहर में आ गई राजस्थानियों की बाढ़

Betul Newsबैतूलशहर में एक तरफ अपराध बढ़ रहे हैं तो दूसरी तरफ बाहर से आने वाले लोगों की मुसाफिरी दर्ज नहीं हो रही है। इससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है और जानकारों का कहना है कि कई अपराधी भी फरारी काटने दूसरे प्रदेशों में व्यवसाय के बहाने पहुंच जाते हैं और पुलिस में अपनी आमद दर्ज नहीं कराते हैं, इसका नुकसान उस शहर के आमजनों को होता है, क्योंकि अपराध बढऩे पर पुलिस के पास ऐसे लोगों का रिकार्ड नहीं रहता है। कोई भी कहीं से आकर शहर में अपना व्यापार शुरू कर देता है।

यही कारण है कि पुलिस के पास यह रिकार्ड नहीं है कि दूसरे प्रदेशों से कितने लोग बैतूल शहर में निवास कर रहे हैं, क्योंकि कई लोगों की पुलिस के पास मुसाफिरी दर्ज नहीं है। इन दिनों देखा जा रहा है कि शहर में कई आईस्क्रीम बेचने वाले आईस्क्रीम बेच रहे हैं। जब इनकी पड़ताल की तो पता चला है कि इनमें से अधिकांश लोग बाहर से आए हुए हैं जिनमें कुछ ने तो मुसाफिरी दर्ज कराई है और कुछ नहीं नहीं दर्ज कराई है।

10 साल से दर्ज नहीं हुई मुसाफिरी | Betul News

सांध्य दैनिक खबरवाणी ने मुसाफिरी को लेकर जब पड़ताल की तो पता चला कि राजस्थान से आकर आईस्क्रीम बेचने का काम करने वाले अधिकांश लोग ऐसे हैं जिन्होंने संबंधित थाने में मुसाफिरी दर्ज नहीं कराई है। अम्बेडकर चौक पर आईस्क्रीम बेचने वाले रतनलाल से जब पूछा गया तो उनका कहना है कि उनके मालिक नारायण साहू राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ निवासी हैं और पिछले 10 साल से बैतूल में निवास कर रहे हैं। उनकी कई चलित दुकान हैं जिसमें राजस्थान से आकर युवक काम कर रहे हैं। जब इनसे पूछा गया कि इन्होंने मुसाफिरी दर्ज कराई तो उनका कहना था कि उन्होंने मुसाफिरी दर्ज नहीं कराई है।

मालिक और नौकर सभी राजस्थान के | Betul News

बैतूल से हजारों किलोमीटर दूर राजस्थान से आकर व्यापार कर रहे आईस्क्रीम विक्रेताओं से चर्चा की तो उनका कहना है कि मालिक और नौकर दोनों ही राजस्थान से आए हैं। आईस्क्रीम की दुकान पर काम करने वाले पंकज ने बताया कि उनके मालिक राजकुमार जाट की दो वाहन है जिस पर काम करने वाले कर्मचारी राजस्थान के हैं और पिछले 8 साल से बैतूल में व्यापार कर रहे हैं। इन्होंने भी पुलिस में वैरीफिकेशन नहीं कराया है।

इनका कहना…

जो बाहरी लोग नालेज में आते हैं उनके वैरीफिकेशन कराए जाते हैं। पुलिस की कोशिश रहती है कि बाहर से आने वालों की मुसाफिरी दर्ज होनी चाहिए।

देवकरण डहेरिया, टीआई, कोतवाली, बैतूल

फेरी लगाने वाले और ऐसे बाहर से आने वाले जो बैतूल में व्यवसाय कर रहे हैं उनकी मुसाफिरी दर्ज कराई जाती है। जिनकी मुसाफिरी दर्ज नहीं हुई उनको चेक करवाया जाएगा।

रविकांत डहेरिया, टीआई, थाना गंज, बैतूल