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एआईएमआईएम पार्टी ने ज्ञापन देकर मजदूरों का हक मारने के लगाए आरोप
मुलताई। क्षेत्र के ग्राम डहरगांव में संचालित हार्टीफुट आई बैरिज कंपनी पर मजदूरो हक मारने के आरोप लगाते हुए शुक्रवार दोपहर मजदूर दिवस पर एआईएमआईएम पार्टी के बेनर तले मजदूरों द्वारा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया है।सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया विधान सभा क्षेत्र में ग्राम डहरगांव में एक व्यवसायिक प्राईवेट हार्टीफुट आई बैरिज नामक कंपनी ब्लूबेरी नामक फल का सैकडो एकड़ में उत्पादन कर रही है। जिसके लिए कंपनी को बड़ी मात्रा में पानी एवं मजदूरो कीआवश्यकता है। कंपनी द्वारा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ कर बडी मात्रा में बड़ी बड़ी मोटरें लगाकर वर्धा जलाशय से पानी लिया जा रहा है। जबकि वर्धा जलाशय परियोंजना एक कृषि योजना है जो कि किसानों के लिए बनाई गई है। वर्धा जलाशय परियोजना का मुख्य उददेश्य किसानों को वर्ष भर पानी उपलब्ध कराना है जबकि हार्टीफुट आई बैरिज कंपनी जमीन के नीचे मोटी मोटी पाईप लाईन बिछाकर उक्त पानी का उपयोग कर रही है जिसमें जलाशय का पानी पुर्ण रूप से सुख चुका है जिसके चलते शासन का उददेश्य पुर्ण होता नही दिखाई दे रहा है। शासन की इस परियोजना में किसानों की जमीन सुखी पड़ी है। वहीं कंपनी पर पानी चोरी करने के आरोप लगाए है।वही विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि कंपनी में कार्यरत लेबर कान्ट्रेकटर जिसके पास मात्र 200-300 मजदूरों का लायसेंस है वह हजारों मजदूरों कंपनी में चला रहा है नियमानुसार प्रत्येक मजदूर को प्रतिदिन 478 रूपए मजदूरी मिलना चाहिए जिसमें लेबर कान्ट्रेक्टर कंपनी के एचआर के साथ मिलकर प्रत्येक मजदूर को 78 रूपए कम मजदूरी दे रहा है जिसके चलते प्रतिदिन 78 हजार रूपए प्रतिदिन का भ्रष्टाचार किया जा रहा है वही मजदूरों को जंगली इलाके में कार्य करना होता है जहां मजदूरों के लिए स्वास्थ्य, शौचालय एवं सुरक्षा से सबंधित तथा पीएफ एवं मेडिक्लेम, बीमा संबधित मुलभुत सुविधा उपलब्ध नही है। जबकि नियमानुसार प्रत्येक मजदूर को पीएफ, बीमा, मेडिक्लेम पालिसी , शौचालय जैसी मुलभुत सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होने यह भी बताया कि पुर्व में जनप्रतिनिधियों द्वारा इस संबध में विधान सभा प्रश्न एवं शिकायत की गई थी। लेकिन कंपनी द्वारा अधिकारियों से मिली भगत कर उक्त शिकायतों को दबा दिया गया है। ज्ञापन में कंपनी द्वारा किए जा रहे कृत्यों की विस्तृत जांच कर कारवाई करने की मांग की गई है।





