नागपुर जाते समय 17 जुलाई 1930 को रूके थे बैतूल में
Guru Purnima – बैतूल – आज गुरु पूर्णिमा पर्व पर जिले में आस्था और भक्ति के साथ पर्व मनाया जा रहा है। जिला मुख्यालय पर स्थित धूनी वाले दादाजी की कुटी खंजनपुर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का दर्शन के लिए तांता लगा हुआ है। समिति ने श्रद्धालुओं के लिए बड़े स्तर पर टिक्कड़ और चटनी, हलुवा, पुड़ी की प्रसादी वितरण करने के इंतजाम किए हैं।
धूनीवाले दादा जी की कुटी की स्थापना बताया जाता है कि 9 दशक पहले नागपुर जाते समय दादाजी 17 जुलाई 1930 को बैतूल के खंजनपुर में रूके थे। तब से ही यहां धूनी प्रज्जवलित है। कुटी के निर्माण में उस समय अंग्रेज अधिकारी ने भी सहयोग किया था।

दादाजी की प्रगाढ़ भक्ति का अनूठा नजारा यहां पर गुरु पूर्णिमा के पर्व पर देखा जाता है। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार दर्शन के लिए लग जाती है। यह सिलसिला देर रात तक चलते रहता है। समिति के सदस्यों ने बताया कि महाआरती के पश्चात प्रसादी वितरण का कार्य होता है। यह प्रसादी विशेष रूप से तैयार की जाती है जिसमें दादाजी को लगने वाले टिक्कड़ और चटनी का भोग शामिल होता है। इस प्रसाद को पाने के लिए भी जनसैलाब उमड़ जाता है।

समिति के सदस्यों ने बताया कि नागपुर पेशी जाते समय श्री दादाजी नागपुर जाते समय यहां आकर रुके थे। इसके बाद अंग्रेज कमिश्नर जेसी बरौनी ने गुरुपूर्णिमा के दिन 17 जुलाई 1932 को कुटी का निर्माण करवाया था, जो दादाजी की कुटी के नाम से प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया यहां दादाजी ने अपने हाथ से जलाई हुई धूनी आज भी प्रज्जवलित है। तभी से यहां पर गुरुपूर्णिमा पर हर साल दर्शन के लिए हजारों भक्त पहुंचते हैं। श्रीदादाजी की कुटी में निशान चढ़ाने की परंपरा कई सालों से चल रही है। गुरुपूर्णिमा पर दादाजी के भक्त दूर-दूर से आकर निशान चढ़ाते हैं और पावन धूनी के दर्शन करते हैं।
पट्टी बाबा सेवा समिति ने मनाया गुरुपूर्णिमा महोत्सव | Guru Purnima

आज गुरुपूर्णिमा के पावन पर्व पर श्री पट्टी बाबा सेवा समिति द्वारा शिवाजी मंगल भवन सदर, बैतूल में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। आयोजन समिति के प्रमुख सदस्य पं. आचार्य हरिशदास शुक्ला ने बताया कि इस अवसर पर गुरुदेव रामसुभगदास पट्टी बाबा का पूजन कर सार्वभौम स्वरूप की अनुभूति एवं आशीर्वाद प्राप्त किया गया। कार्यक्रम में सुबह 10 बजे से श्री सुंदर काण्ड पाठ का आयोजन किया गया। इसके उपरांत श्री व्यास गुरु पूजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में भोपाल प्रसादी वितरित की गई।
साईं मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा, भक्तों का उमड़ा जनसैलाब

बैतूल जिला मुख्यालय पर सोमवार को कोठी बाजार साईं मंदिर से भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया जिसमें भक्तों की भारी भीड़ ने शोभायात्रा में चार चांद लगा दिए शोभा यात्रा की शुरुआत गणेश चौक स्थित साईं मंदिर से की गई जो ललित चौक होते हुए शहर के विभिन्न मार्गो और मंदिरों से होते हुए दादाजी कुटी पहुंची जहां पर शोभा यात्रा का समापन किया गया। शोभायात्रा में साईं बाबा की पालकी आकर्षण का केंद्र रही।
कसारी मोहल्ला के दादाजी दरबार में मनाई गुरुपूर्णिमा | Guru Purnima
सड़क पर खड़े होकर आरती में शामिल हुए दादाजी भक्त

आमला। नगर के कसारी मोहल्ला स्थित धूनीवाले दादाजी दरबार में रविवार को गुरुपूर्णिमा धूमधाम से मनाई गई। दादाजी दरबार के विजय कंचनपुरे ने बताया की लगातार 47 वे वर्ष दादाजी दरबार में गुरुपूर्णिमा मनाई गई। गुरुपूर्णिमा पर्व पर दरबार में हवन पूजन, कथा की गई। दादाजी दरबार ने प्रज्वलित धूनी में दादाजी भक्तो ने नारियल अगरबत्ती अर्पित किए। सुबह से रात तक यह क्रम चलता रहा।श्री धूनीवाले दादाजी और मां नर्मदा को खिचड़ी तिक्कड़ मिठाई का भोग लगाया गया। रात्रि में धूनीवाले दादाजी की आरती में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के दौरान दादाजी दरबार दादाजी भक्तो से भर गया था। आरती में शामिल होने दादाजी भक्त सड़क पर खड़े रहे। आरती के उपरांत खिचड़ी और तिक्कड का प्रसाद वितरण किया गया। श्री कंचनपुरे ने बताया की बड़ी संख्या में दादाजी भक्तो से दादाजी दरबार के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। धूनीवाले दादाजी के दर्शन हेतु नगर के अलावा अन्य स्थानों से भी लोग दादाजी दरबार पहुंचे थे।





