Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

आरटीओ बैरियर पर अवैध वसूली के आरोप, मजदूर यूनियन ने जांच की मांग उठाई

By
On:

खबरवाणी

आरटीओ बैरियर पर अवैध वसूली के आरोप, मजदूर यूनियन ने जांच की मांग उठाई

मजदूर यूनियन अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह ने कहा—बिना वैध रसीद राशि लेने की शिकायतों की हो निष्पक्ष जांच

भोपाल। बुरहानपुर जिले की सीमा पर स्थित आरटीओ बैरियर पर ट्रक चालकों एवं परिवहन से जुड़े मजदूरों से कथित रूप से अवैध राशि वसूले जाने का मामला सामने आने का दावा किया गया है। इस संबंध में बुरहानपुर मजदूर यूनियन के अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह ने जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग का ध्यान आकर्षित करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। यूनियन का आरोप है कि वाहन चालकों को नियमों की जांच के नाम पर रोका जाता है और कथित तौर पर बिना वैध रसीद के राशि लिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
मजदूर यूनियन अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह ने कहा कि यदि किसी वाहन से परिवहन नियमों के तहत कर, शुल्क, जुर्माना या अन्य वैधानिक राशि वसूल की जाती है तो उसकी प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बैरियर पर कुछ मामलों में वाहन चालकों पर दबाव बनाया जाता है और राशि नहीं देने पर वाहन को लंबे समय तक खड़ा रखने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। यूनियन ने इन आरोपों की वास्तविकता की जांच करने तथा दोष पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
बिना रसीद राशि लेने के आरोपों की हो जांच
यूनियन का कहना है कि परिवहन विभाग की सेवाओं में ऑनलाइन भुगतान और रसीद की व्यवस्था उपलब्ध है। विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन टैक्स भुगतान तथा रसीद प्रिंट करने की सुविधा भी प्रदर्शित है। ऐसे में किसी भी वैधानिक शुल्क या कर की वसूली निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होने तथा संबंधित व्यक्ति को भुगतान का प्रमाण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जांच की जानी चाहिए।
हालांकि, बैरियर पर वास्तव में अवैध वसूली हो रही है या नहीं, यह जांच का विषय है। केवल शिकायत अथवा आरोप के आधार पर किसी कर्मचारी, अधिकारी या अन्य व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। इसलिए यूनियन ने प्रशासन से शिकायतों की स्वतंत्र रूप से जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।
वाहन चालकों को परेशान किए जाने का आरोप
ठाकुर प्रियांक सिंह के अनुसार, ट्रक चालक लंबी दूरी की यात्रा करते हैं और समय पर माल पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी होती है। यदि किसी वाहन को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक रोका जाता है तो इससे परिवहन कार्य प्रभावित होने के साथ चालक और परिवहन व्यवसाय से जुड़े श्रमिकों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि वाहन की जांच या दस्तावेजों के सत्यापन पर किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी वाहन चालक के साथ अभद्रता, दबाव या अनधिकृत राशि की मांग की शिकायत सामने आती है तो उसकी जांच आवश्यक है।

नेताओं की मिलीभगत के आरोप भी उठे

मजदूर यूनियन की ओर से मामले में राजनीतिक या प्रभावशाली लोगों की कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों के संबंध में किसी व्यक्ति का नाम लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं रखा गया है। ऐसे आरोपों की पुष्टि केवल स्वतंत्र जांच, उपलब्ध दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज, भुगतान रिकॉर्ड तथा संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर ही हो सकती है।
यूनियन ने मांग की है कि यदि किसी कर्मचारी, बिचौलिए या अन्य व्यक्ति की भूमिका जांच में सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। वहीं यदि आरोपों की तो प्रशासन को वास्तविक स्थिति भी स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति की प्रतिष्ठा प्रभावित न हो।
सीसीटीवी और रिकॉर्ड की जांच की मांग
मजदूर यूनियन ने बैरियर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि बैरियर पर वाहनों की आवाजाही, दस्तावेजों की जांच और होने वाले भुगतान का रिकॉर्ड सुरक्षित रहना चाहिए।
जांच के दौरान संबंधित अवधि के सीसीटीवी फुटेज, वाहन प्रवेश-निकास रिकॉर्ड, चालान, ऑनलाइन भुगतान विवरण, रसीद पुस्तिका तथा ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की जानकारी का मिलान किया जा सकता है। इससे यह पता लगाने में सहायता मिल सकती है कि शिकायतों में कितनी वास्तविकता है।
शिकायतों के लिए स्पष्ट व्यवस्था हो
यूनियन ने मांग की है कि बैरियर पर शिकायत दर्ज कराने के लिए संबंधित विभाग का हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। मध्यप्रदेश परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर विभागीय हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध हैं।
मजदूर यूनियन का कहना है कि वाहन चालकों को यह जानकारी होनी चाहिए कि किसी वैधानिक शुल्क के संबंध में जानकारी कहां से प्राप्त की जा सकती है और कथित अनियमितता की शिकायत किस अधिकारी के समक्ष की जा सकती है।

प्रशासन से अचानक निरीक्षण की मांग

ठाकुर प्रियांक सिंह ने जिला प्रशासन, परिवहन विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से बैरियर का अचानक निरीक्षण करने की मांग की है। उनका कहना है कि निरीक्षण के दौरान मौके पर उपलब्ध दस्तावेज, रसीद व्यवस्था, सीसीटीवी, वाहन जांच प्रक्रिया और कर्मचारियों की ड्यूटी संबंधी रिकॉर्ड की जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि शिकायत तथ्यहीन पाई जाती है तो प्रशासन को इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
जांच के बाद ही तय होगी वास्तविक स्थिति
आरटीओ बैरियर पर कथित अवैध वसूली के आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, लेकिन आरोप और प्रमाण के बीच अंतर करना आवश्यक है। इसलिए पूरे मामले में निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शिकायतकर्ताओं के बयान के साथ-साथ विभागीय रिकॉर्ड, भुगतान संबंधी दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और परिवहन विभाग मजदूर यूनियन द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर क्या जांच कराते हैं और यदि अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।

मजदूर यूनियन की प्रमुख मांगें:

आरटीओ बैरियर पर कथित अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच।
बिना रसीद राशि लिए जाने की शिकायतों की जांच।
उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज एवं भुगतान रिकॉर्ड का परीक्षण।
बैरियर की कार्यप्रणाली का वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निरीक्षण।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रक्रिया प्रदर्शित करना।
जांच में दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई।
वाहन चालकों एवं परिवहन श्रमिकों के साथ नियमानुसार और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना।

For Feedback - feedback@example.com
Home Icon Home E-Paper Icon E-Paper Facebook Icon Facebook Google News Icon Google News