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आमला पुलिस की दोहरी कार्रवाई: धर्मांतरण संबंधी गतिविधि के आरोप में पांच गिरफ्तार, गहरे पानी से शव निकालकर प्रधान आरक्षक ने निभाया मानवीय कर्तव्य
बैतूल। आमला थाना पुलिस ने 15 सितंबर को दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए एक ओर धर्मांतरण संबंधी गतिविधि के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया, वहीं दूसरी ओर नदी के गहरे पानी में फंसे 22 वर्षीय युवक के शव को जोखिम उठाकर बाहर निकालने वाले प्रधान आरक्षक ने कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।
प्रार्थना सभा की सूचना पर पहुंची पुलिस, पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार 15 सितंबर को सूचना मिली थी कि भीमनगर बोड़खी क्षेत्र में गणपत सोनवाने के घर पर बैठक एवं प्रार्थना सभा आयोजित कर धर्मांतरण संबंधी गतिविधियां की जा रही हैं। सूचना की तस्दीक के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मुलताई एसके सिंह के मार्गदर्शन में आमला पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
मौके पर गणपत सोनवाने सहित पांच व्यक्ति मिले। पूछताछ और घर की तलाशी के दौरान पुलिस ने धार्मिक साहित्य, पुस्तिकाएं, पैम्फलेट, सहमति पत्र तथा विभिन्न संस्थाओं को लिखे गए पत्र सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने धर्मांतरण संबंधी गतिविधियों में संलिप्तता स्वीकार की।
मामले में थाना आमला में अपराध क्रमांक 371/26 के तहत धारा 3, 5 मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम एवं धारा 351(2), 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने गणपत सोनवाने के घर से धार्मिक साहित्य व दस्तावेज तथा अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए।
गिरफ्तार आरोपियों में गणपत सोनवाने निवासी भीमनगर बोड़खी, इनोस उर्फ एनोस निवासी बरघाट जिला सिवनी, रमेश अतुलकर निवासी हमलापुर बैतूल, भावराव चंदेलकर निवासी जुनापानी थाना साईंखेड़ा तथा सुनील नागले निवासी सोमगढ़ थाना मुलताई शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया है। मामले की विवेचना जारी है।
गहरे पानी में उतरे प्रधान आरक्षक, रस्सी बांधकर निकाला शव
इसी दौरान आमला थाना क्षेत्र के ग्राम ढुटमूर के पास नदी में मिले 22 वर्षीय युवक के शव को बाहर निकालने में प्रधान आरक्षक बसंत उइके ने साहस का परिचय दिया। पुलिस के मुताबिक ग्राम कोटवार से सूचना मिलने के बाद प्रधान आरक्षक बसंत उइके एवं आरक्षक रोहित कुशवाह मौके पर पहुंचे।
नदी में पानी की गहराई अधिक होने के कारण ग्रामीणों और स्थानीय तैराकों ने गहरे पानी में उतरने में असमर्थता जताई। इसके बाद प्रधान आरक्षक बसंत उइके ने स्वयं आगे बढ़कर कमर में रस्सी बांधी और गहरे पानी में उतर गए। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने शव को सुरक्षित बाहर निकाला।
शव की पहचान ग्राम ढुटमूर निवासी 22 वर्षीय पप्पू उर्फ बसंत बेले के रूप में हुई। पुलिस ने शव को आमला सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृत्यु के कारणों की जांच की जा रही है।
एसपी ने की सराहना, पुरस्कार के लिए प्रतिवेदन के निर्देश
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने प्रधान आरक्षक बसंत उइके के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि संकट की स्थिति में आमजन की सहायता और सुरक्षा करना भी है। उन्होंने प्रधान आरक्षक के उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार हेतु प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश थाना प्रभारी आमला को दिए हैं।
वहीं धर्मांतरण संबंधी मामले को लेकर एसपी ने जिलेवासियों से अपील की कि सभी नागरिक अपने धार्मिक विश्वासों का शांतिपूर्वक पालन करें और किसी की धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप न करें। किसी व्यक्ति को प्रलोभन, दबाव, भय अथवा अनुचित प्रभाव के माध्यम से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने संबंधी जानकारी मिलने पर कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि प्राप्त शिकायतों और सूचनाओं की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इन दोनों कार्रवाइयों में आमला थाना पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




