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डीसी गैस का गोदाम सील, पर एफआईआर पर ‘ब्रेक’ दबाया जा रहा बड़ा गैस घोटाला….?
घरेलू एलपीजी की अवैध सप्लाई और रिफिलिंग की आशंका, कहीं व्यावसायिक कनेक्शनों और होटलों में तो नहीं खपाए घरेलू सिलेंडर…..
खबर वाणी सुशील कुशवाह अशोकनगर। स्टेशन रोड स्थित डीसी गैस सर्विस पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की हालिया कार्रवाई के बाद से ही प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। एजेंसी के स्टॉक में मिले भारी अंतर के बाद प्रशासन ने सील लगाने की औपचारिक प्रक्रिया तो पूरी कर दी, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बाद से ही विभागीय कार्यशैली गहरे संदेह के घेरे में आ गई है। सवाल उठ रहे हैं कि जब भौतिक सत्यापन के दौरान सिलेंडर के आंकड़े कागजी आंकड़ों से मेल नहीं खा रहे हैं, तो आखिर दर्जनों सिलेंडर गायब कहां हो गए इससे भी बड़ा सवाल यह है कि गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद भी अभी तक संबंधित एजेंसी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीम ने रेलवे स्टेशन के पास स्थित डीसी गैस सर्विस के गोदाम और कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के वितरण, उनके रिकॉर्ड और गोदाम में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का सत्यापन करना था। जांच अधिकारी उस समय हैरान रह गए जब रिकॉर्ड में दर्ज सिलेंडरों की संख्या और गोदाम में भौतिक रूप से मौजूद सिलेंडरों के आंकड़े में भारी विसंगति पाई गई। मानें तो स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक स्थिति में दर्जनों सिलेंडरों का अंतर सामने आया। नियमतः जब इस प्रकार की बड़ी वित्तीय या वस्तुगत गड़बड़ी मिलती है, तो इसे सीधे तौर पर आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन और कालाबाजारी की श्रेणी में माना जाता है। प्रशासन ने आनन-फानन में डीसी गैस सर्विस के गोदाम को सील तो कर दिया, लेकिन इस सीलिंग की कार्रवाई को ही कथित तौर पर अब संदेहास्पद माना जा रहा है।
इस पूरी कार्रवाई का सबसे कमजोर पहलू यह है कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग यह स्पष्ट करने में पूरी तरह नाकाम रहा है कि आखिर यह गड़बड़ी हुई तो हुई कैसे क्या सिलेंडरों की कालाबाजारी की गई, क्या घरेलू उपयोग के एलपीजी सिलेंडरों को अवैध रूप से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटलों या ऑटो चालकों को ऊंचे दामों पर बेचा गया। क्या अवैध रिफिलिंग का खेल चल रहा था गोदाम से सिलेंडरों के गायब होने का एक सीधा अर्थ यह भी निकलता है कि बिना किसी वैध बुकिंग के गैस का अवैध वितरण किया जा रहा था। डिलीवरी बॉय और एजेंसी प्रबंधन के रिकॉर्ड में इतना बड़ा अंतर अचानक एक दिन में पैदा नहीं हो सकता। यह सिलसिला कथित तौर पर महीनों से चल रहा होगा जिस पर विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ी। विभाग द्वारा जारी शुरुआती बयानों में यह तक साफ नहीं किया गया है कि कुल कितने भरे और खाली सिलेंडर गायब पाए गए हैं। स्पष्ट विवरण का अभाव इस बात को बल देता है कि विभाग मामले को दबाने या आंकड़ों में हेरफेर करने की मोहलत दे रहा है।
अशोकनगर के आम जनमानस में इस बात को लेकर तीव्र चर्चा है कि क्या जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के आगे घुटने टेक चुके हैं। जब भी किसी उचित मूल्य दुकान या गैस एजेंसी पर स्टॉक कम पाया जाता है, तो कानूनन तत्काल प्रभाव से पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रावधान है। पूर्व में भी कई मामलों में मामूली अंतर मिलने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तुरंत मुकदमे दर्ज कराए हैं। फिर डीसी गैस सर्विस के मामले में यह दोहरा रवैया क्यों अपनाया जा रहा है गैस सिलेंडर कोई छोटी वस्तु नहीं है जिसे जेब में रखकर गायब कर दिया जाए। दर्जनों की संख्या में गैस सिलेंडरों का स्टॉक से गायब होना किसी बड़े संगठित गिरोह और एजेंसी के भीतर चल रहे किसी बड़े काले कारोबार की ओर इशारा करता है। अशोकनगर शहर में पिछले कुछ समय से व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। आशंका जताई जा रही है कि डीसी गैस सर्विस से गायब हुए सिलेंडर अवैध रिफिलिंग सेंटरों और शहर के अवैध व्यावसायिक कनेक्शनों पर खपाए गए हैं। इस खेल से न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि बिना सुरक्षा मानकों के गैस का यह अवैध कारोबार शहर में किसी बड़े हादसे को भी न्योता दे रहा है।
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खबर 2
उत्साह के साथ मनाया गया विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस
अशोकनगर। स्थानीय जिला कार्यालय पर विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं युवा उपस्थित रहे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य विहिप के मूल सिद्धांतों, विचारधारा और समाजहित में चलाए जा रहे सेवा कार्यों से कार्यकर्ताओं को अवगत कराना था।
मुख्य वक्ता प्रांत सहमंत्री मलखान सिंह राजपूत ने विहिप की पृष्ठभूमि और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन की स्थापना हिंदू समाज को संगठित करने, सामाजिक समरसता लाने तथा सेवा व संस्कार के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए हुई है। उन्होंने कहा कि विहिप शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा प्रकल्पों के माध्यम से जरूरतमंद वर्गों तक निरंतर सहायता पहुँचा रहा है।
कार्यक्रम में जिला पालक मुन्नालाल शास्त्री एवं प्रांत अर्चक-पुरोहित जी ने भी विचार व्यक्त करते हुए बताया कि विहिप भारत के साथ-साथ विदेशों में भी हिंदू समाज की गतिविधियों का नेतृत्व कर रहा है। वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं को संगठन की मुख्य शक्ति बताते हुए सेवा और जागरूकता अभियानों को व्यापक बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं ने निष्ठा और समर्पण के साथ समाजहित में कार्य करने का संकल्प लिया। समारोह में विभाग संगठन मंत्री वीर सिंह, विभाग संयोजक वेद राम लोधी, जिलाध्यक्ष अंकित बड़कुल, जिला मंत्री कंछेदी दांगी, कोषाध्यक्ष रमेश गुप्ता, एस.पी. दुबे, दिनेश बिर्थरे, अमित पड़रिया, मुस्कान रघुवंशी, सतपाल केवट, फूलन सिंह और संतोष शर्मा सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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