खबरवाणी
अवैध उत्खनन की सूचना के बाद भी नहीं जागा प्रशासन! एसडीएम बोले— “पहले शिकायत करिए, तब होगी कार्रवाई”
शासकीय डेम से दिनभर मुरम उत्खनन जारी रहने का दावा, जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर उठे बड़े सवाल
शाहपुर। अमृत 2.0 योजना के तहत बरबतपुर में निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए शासकीय डेम क्षेत्र से कथित रूप से मुरम उत्खनन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि खबर प्रकाशित होने के बाद भी मंगलवार को दिनभर जेसीबी मशीन से मुरम की खुदाई और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से उसका परिवहन जारी रहा। सबसे हैरानी की बात यह रही कि पूरे मामले की जानकारी एसडीएम शाहपुर आर. प्रपंच को दिए जाने के बावजूद तत्काल मौके पर कार्रवाई नहीं हुई।
जब एसडीएम से पूछा गया कि क्या प्रशासन मौके पर पहुंचकर जांच करेगा, तो उनका जवाब था— “आप शिकायत करिए, मैं कार्रवाई करूंगा।” इस एक जवाब ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या सूचना मिलने के बाद भी प्रशासन शिकायत का इंतजार करेगा?
जब किसी शासकीय भूमि पर संभावित अवैध उत्खनन की जानकारी प्रशासन को दी जा चुकी थी, तब तत्काल राजस्व अमले को मौके पर भेजकर जांच क्यों नहीं कराई गई? क्या अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल लिखित शिकायत मिलने के बाद ही शुरू होती है? यदि प्रशासन हर मामले में शिकायत का इंतजार करेगा, तो अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक कैसे लगेगी?
मंगलवार को भी जारी रहा उत्खनन
स्थानीय लोगों का दावा है कि मंगलवार को भी शासकीय डेम क्षेत्र में जेसीबी मशीन से लगातार मुरम निकाली जाती रही और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से निर्माण स्थल तक पहुंचाई गई। यदि यह कार्य बिना वैध अनुमति के हो रहा है, तो हर गुजरते दिन के साथ शासन की संपत्ति को संभावित नुकसान बढ़ता जा रहा है।
खनिज विभाग भी सवालों के घेरे में
यदि शासकीय भूमि पर खुलेआम मुरम का उत्खनन हो रहा था, तो खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था कहां थी? क्या विभाग ने मौके का निरीक्षण किया? यदि नहीं, तो आखिर क्यों? विभाग की निष्क्रियता भी अब सवालों के घेरे में है।
अब उठ रहे हैं ये बड़े सवाल
सूचना मिलने के बाद भी तत्काल निरीक्षण क्यों नहीं कराया गया?
क्या शासकीय भूमि पर संभावित अवैध उत्खनन रोकने के लिए शिकायत अनिवार्य है?
खनिज विभाग ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई क्यों नहीं की?
यदि उत्खनन पूरी तरह वैध है, तो संबंधित अनुमति सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही?
इनका कहना
एसडीएम शाहपुर आर. प्रपंच ने कहा, “आप शिकायत करिए, मैं कार्रवाई करूंगा।”
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रशासन स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगा या फिर सरकारी जमीन से मुरम निकलती रहेगी और जिम्मेदार विभाग केवल शिकायत का इंतजार करते रहेंगे।





