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आमला में मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना: नाली निर्माण में अनियमितता और गुणवत्ता पर उठे सवाल, नागरिकों ने की तकनीकी जांच की मांग।
लाखों की लागत से निर्माण: नगर पालिका परिषद आमला द्वारा जनपद चौक से पीर मंजिल तक मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत लाखों रुपये की लागत से नाली निर्माण कराया जा रहा है।
तकनीकी मानकों की अनदेखी का आरोप:
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर बहते पानी के बीच नाली का बेस तैयार किया जा रहा है।
रेत की जगह गिट्टी-बजरी का उपयोग ।
नाली के बेस निर्माण में आवश्यक मात्रा में रेत का उपयोग करने के बजाय केवल गिट्टी और स्टोन क्रशर से काम किया जा रहा है।
नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल
निर्माण स्थल पर तकनीकी अधिकारियों की नियमित मौजूदगी न होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नगर पालिका परिषद आमला के द्वारा क्षेत्र के विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हालांकि, जनपद चौक से पीर मंजिल तक चल रहे नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर अब स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
बहते पानी के बीच बेस निर्माण और गुणवत्ता पर चिंता
नागरिकों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा तकनीकी मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। बारिश के मौसम में पानी बहने के बावजूद नाली का बेस तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में निर्माण की मजबूती और टिकाऊपन पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पानी के बीच निर्माण होने से सामग्री की गुणवत्ता और मजबूती सीधे तौर पर प्रभावित हो सकती है।
रेत दरकिनार, गिट्टी और बजरी से हो रहा काम
नियमों के अनुसार बेस निर्माण में रेत का सही अनुपात होना आवश्यक है, लेकिन इसके विपरीत गिट्टी और स्टोन क्रश का उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि शुरुआती स्तर पर ही बेस कमजोर रहेगा, तो कुछ समय बाद नाली में दरारें आने, धंसने या क्षतिग्रस्त होने जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ सकती हैं।
नगर पालिका की मॉनिटरिंग कटघरे में
इस पूरे मामले में नगर पालिका की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। नागरिकों का कहना है कि लाखों रुपये के इस निर्माण कार्य के दौरान संबंधित उपयंत्री एवं तकनीकी अमले द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। यदि समय रहते इस पर ध्यान दिया जाता, तो अनियमिताओं को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकता था।
प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग
क्षेत्र के नागरिकों राकेश, नितिन, और उमेश सहित अन्य लोगों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि निर्माण स्थल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने मांग की है कि एस्टीमेट और निर्धारित मानकों के आधार पर ही निर्माण कार्य की पुष्टि हो, और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित निर्माण एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की जाए।
यदि तकनीकी रूप से कोई समस्या है तो मैं इंजीनियर को कहकर निर्माण कार्य दिखा देता हूं यदि गलत तरीके से कार्य किया जाता रहा है तो कार्रवाई की जावेगी
नितिन गाडरे नगरपालिका अध्यक्ष आमला





