खबरवाणी
भगवान भरोसे प्राइवेट स्कूलों के बाहर की व्यवस्थाएं
जर्जर सड़कें और जलभराव से बढ़ा हादसों का खतरा, मासूम विद्यार्थियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
बुरहानपुर। शहर के विभिन्न निजी विद्यालयों के बाहर सड़कों की खराब स्थिति अभिभावकों और नागरिकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। हाल ही में हुई बारिश के बाद कई स्थानों पर सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिनमें पानी भर जाने से उनकी वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती। ऐसे में विद्यालय आने-जाने वाले छोटे बच्चों, अभिभावकों तथा वाहन चालकों के सामने दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
लोगों का कहना है कि शहर के निजी स्कूलों के आसपास सड़कें लंबे समय से मरम्मत की प्रतीक्षा कर रही हैं। बरसात के मौसम में इन सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। पानी से भरे गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और बच्चों के गिरकर घायल होने की आशंका बनी रहती है।
विद्यालयों में अध्ययनरत छोटे बच्चों के कंधों पर पहले से ही भारी बस्तों का बोझ रहता है। ऐसे में उन्हें असमतल और क्षतिग्रस्त सड़कों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंताएं बढ़ रही हैं। कई अभिभावकों का कहना है कि विद्यालयों के आसपास सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा या जोखिम का सामना न करना पड़े।
अभिभावकों में बढ़ रही चिंता
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल समय के दौरान सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी अधिक रहती है। जलभराव और गड्ढों के कारण यातायात प्रभावित होता है, जिससे बच्चों के विद्यालय पहुंचने और वापस लौटने के दौरान खतरे की संभावना बढ़ जाती है। उनका मानना है कि संबंधित विभागों को विद्यालय क्षेत्रों को संवेदनशील मानते हुए विशेष ध्यान देना चाहिए।
समय पर मरम्मत की मांग
नागरिकों और अभिभावकों ने संबंधित विभागों से मांग की है कि निजी विद्यालयों के आसपास की सड़कों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराया जाए। साथ ही जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि वर्षा के दौरान सड़कें जलमग्न न हों और बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
जिम्मेदार विभागों से अपेक्षा
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और विद्यालय परिसरों के आसपास बुनियादी सुविधाओं का बेहतर होना आवश्यक है। यदि समय रहते सड़कों की मरम्मत और रखरखाव नहीं किया गया तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
नागरिकों की प्रमुख मांगें
विद्यालयों के बाहर क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत की जाए।
वर्षा जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्कूल क्षेत्रों में सुरक्षा संकेतक एवं चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमित निरीक्षण किया जाए।
स्कूल समय के दौरान यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की जाए।




