खबरवाणी
एक्सक्लूसिव……..प्यास बुझाने वाली मशीन पर मौत का पहरा, आमला बस स्टैंड पर यात्रियों की सेहत से खिलवाड़
आमला। महीनों से नहीं हुई वाटर कूलर की सफाई, पानी में रेंग रहे हैं कीड़े; नगर पालिका की लापरवाही का शिकार हो रहे राहगीर
आमला। भीषण गर्मी में जब गला सूखता है, तो राहगीर बस स्टैंड पर लगे सरकारी वाटर कूलर की ओर भागता है। लेकिन आमला बस स्टैंड के यात्री प्रतीक्षालय में लगा यह वाटर कूलर प्यास बुझाने के बजाय बीमारियां बांट रहा है। नगर पालिका द्वारा लगाया गया यह वाटर कूलर पिछले कई दिनों से देखरेख के अभाव में ‘जहर’ उगल रहा है। इसके टैंक में जमा गंदगी के कारण पानी में कीटाणु और छोटे-छोटे कीड़े तैरते नजर आ रहे हैं, जो यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन चुके हैं।
दिखावे का वाटर कूलर, हकीकत में ‘स्लो पॉइजन’
स्टैंड पर प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं। उन्हें ठंडा और शुद्ध पानी मिल सके, इसके लिए नगर पालिका ने लाखों खर्च कर वाटर कूलर लगवाया था। लेकिन रखरखाव के अभाव में यह ‘सफेद हाथी’ साबित हो रहा है। स्थानीय नागरिक गोलू सोलंकी, विशाल पवार ने बताया कि जब यात्री पानी पीने के लिए नल खोलते हैं, तो पानी के साथ बारीक कचरा और कीड़े बाहर आते हैं। यह स्थिति देखकर कई यात्री बिना पानी पिए ही प्यासे आगे बढ़ रहे हैं। यह पानी सीधे तौर पर ‘स्लो पॉइजन’ की तरह काम कर रहा है, जिससे टाइफाइड, पीलिया और डायरिया जैसी घातक बीमारियों का डर बना हुआ है।
संक्रामक बीमारियों का बढ़ा बड़ा खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय से साफ न हुई टंकियों में फंगस, बैक्टीरिया और हानिकारक कीटाणु पनप जाते हैं। ऐसा पानी पीने से टाइफाइड, पीलिया, डायरिया, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और पेट में गंभीर संक्रमण जैसी खतरनाक बीमारियां होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बस स्टैंड पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, बुजुर्ग और बच्चे आते हैं। ऐसे में इस अशुद्ध पानी के सेवन से कभी भी कोई बड़ी महामारी या स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। नगर पालिका की यह अनदेखी सीधे तौर पर मानव जीवन के साथ खिलवाड़ है।
नपा प्रशासन की लापरवाही उजागर, केवल कागजों में मेंटेनेंस
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वाटर कूलर और उसकी सहयोगी टंकियों के रखरखाव (मेंटेनेंस) के नाम पर हर साल बजट पास किया जाता है। इसके बावजूद महीनों तक इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं होता। प्रतीक्षालय के आसपास गंदगी का अंबार है और वाटर कूलर की सुरक्षा के लिए लगाया गया पिंजरा भी धूल से सना पड़ा है। जिम्मेदार अधिकारी एयरकंडीशंड कमरों में बैठकर फाइलों को मंजूरी दे रहे हैं, जबकि जमीन पर जनता बूंद-बूंद शुद्ध पानी के लिए तरस रही है और दूषित पानी पीने को विवश है। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही टंकी की गहन सफाई कर शुद्ध पेयजल सुनिश्चित नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इनका कहना है
नगर पालिका जल विभाग अधिकारी
अरुण पावर
यात्री प्रतीक्षालय पर रखी पानी की टंकी हर 15 दिन के भीतर साफ सफाई की जा रही है





