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सारनी थर्मल प्लांट में मजदूरों के शोषण का आरोप
मानव अधिकार संगठन ने कलेक्टर से की जांच की मांग
मजदूरों को उनका हक नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन: सतीश बौरासी
खबरवाणी न्यूज़ रफीक
सारनी । सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट सारनी में कार्यरत मजदूरों के कथित शोषण और मानवाधिकार हनन का मामला एक बार फिर सामने आया है। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर ठेका कंपनियों और उनके पेटी कॉन्ट्रैक्टरों की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मजदूरों को उनका वैधानिक हक नहीं मिला तो जल्द ही बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष सतीश बौरासी के नेतृत्व में संगठन के जिला प्रभारी संजय अग्रवाल ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट के कोल हैंडलिंग प्लांट के ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस कार्य में लगी कलकत्ता की लोकनाथ कंपनी, ऐश हैंडलिंग प्लांट में कार्यरत रही क्रांति कंपनी, मैल्को कंपनी तथा इनके पेटी कॉन्ट्रैक्टर बालाजी इंटरप्राइजेस द्वारा स्थानीय युवाओं और आदिवासी मजदूरों का लगातार शोषण किया जा रहा है।
पत्र में कहा गया है कि कुशल श्रेणी का कार्य कराने के बावजूद बड़ी संख्या में श्रमिकों को अकुशल अथवा अर्धकुशल श्रेणी के अनुसार वेतन दिया जा रहा है। संगठन का दावा है कि लगभग 140 मजदूरों को केवल 320 रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जा रहा है, जबकि उन्हें वेतन पर्ची (पेमेंट स्लिप) तक उपलब्ध नहीं कराई जाती। इससे श्रमिक अपने अधिकारों और भुगतान संबंधी जानकारी से वंचित रह जाते हैं।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित कंपनियों और उनके पेटी कॉन्ट्रैक्टर द्वारा मजदूरों के मेडिकल परीक्षण और मेडिकल प्रमाण पत्र भी गलत एवं अनुचित तरीके से जारी किए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि सतपुड़ा प्लांट में मजदूरों के शोषण से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
संगठन ने प्रशासन को बताया कि इस विषय को लेकर पूर्व में विभिन्न श्रमिक संगठनों और सामाजिक संगठनों द्वारा कई बार धरना-प्रदर्शन और पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी निराकरण नहीं हो सका है। संगठन ने जिला प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा मजदूरों को उनका उचित वेतन और अधिकार दिलाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।






