दिल्ली वालों के लिए बड़ी खुशखबरी आ गई है। राजधानी की सड़कों पर अब प्रदूषण फैलाने वाली बसों की जगह धीरे-धीरे साफ और हरित तकनीक वाली हाइड्रोजन बसें दिखाई देंगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 15 मई से देश की पहली हाइड्रोजन आधारित शटल बस सेवा शुरू करने का फैसला किया है। यह सेवा खास तौर पर सेंट्रल विस्टा इलाके में चलाई जाएगी, जिससे सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्वच्छ भारत” और ईंधन बचाओ मिशन को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
सरकारी दफ्तर जाने वालों को मिलेगी बड़ी राहत
DMRC के मुताबिक इस नई बस सेवा का मुख्य मकसद सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन से सरकारी दफ्तरों तक आसान कनेक्टिविटी देना है। रोजाना हजारों कर्मचारी इन इलाकों में आते-जाते हैं। ऐसे में यह सुविधा उनके लिए किसी राहत से कम नहीं होगी। अब लोगों को ऑटो या निजी गाड़ी पर ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ेगा। इससे सड़क पर वाहनों की संख्या भी कम होगी और ट्रैफिक जाम में राहत मिलेगी।
सिर्फ ₹10 में कर सकेंगे सफर
दिल्ली की इस नई हाइड्रोजन बस सेवा का किराया भी आम जनता की जेब को ध्यान में रखकर तय किया गया है। यात्रियों को न्यूनतम ₹10 और अधिकतम ₹15 तक किराया देना होगा। सबसे खास बात यह है कि भुगतान के लिए कई आसान विकल्प दिए गए हैं। यात्री NCMC कार्ड, UPI या फिर कैश से भी टिकट खरीद सकेंगे। यानी डिजिटल इंडिया की झलक इस सेवा में भी देखने को मिलेगी।
जानिए बसों का टाइम और रूट
यह बस सेवा सोमवार से शुक्रवार तक चलेगी। सरकारी छुट्टियों पर बसें बंद रहेंगी। सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और फिर शाम 3:30 बजे से 6:30 बजे तक बसें उपलब्ध रहेंगी। हर 30 मिनट में बस मिलेगी। बसों का रूट भी बेहद खास रखा गया है। यह सेवा कर्तव्य भवन, विज्ञान भवन, निर्माण भवन, अकबर रोड, बड़ौदा हाउस, नेशनल स्टेडियम और इंडिया गेट जैसे अहम इलाकों से होकर गुजरेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं ये बसें
इंडियन ऑयल (IOCL) द्वारा उपलब्ध कराई गई ये दोनों हाइड्रोजन बसें पूरी तरह सुरक्षित और हाईटेक हैं। हर बस में 35 यात्रियों के बैठने की सुविधा है। सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे और GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगाए गए हैं। DMRC इन बसों का संचालन और टिकटिंग संभालेगा, जबकि IOCL ईंधन और ड्राइवर की व्यवस्था करेगा। साफ कहें तो ये बसें दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को नया रंग देने वाली हैं।
प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की मार झेल रही है। ऐसे में हाइड्रोजन बस सेवा पर्यावरण के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकती है। हाइड्रोजन बसें धुआं नहीं छोड़तीं, जिससे हवा साफ रहेगी और लोगों को बेहतर वातावरण मिलेगा। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में दिल्ली की सड़कों पर और भी हाइड्रोजन बसें दौड़ती नजर आ सकती हैं। इससे राजधानी का ट्रांसपोर्ट सिस्टम पूरी तरह ग्रीन और मॉडर्न बनने की राह पर आगे बढ़ेगा।





