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टेमजीरा में मिड-डे मील की गुणवत्ता पर सवाल, बच्चों को परोसी जा रही अधपकी सफेद रोटियां
शासन से पर्याप्त बजट के बावजूद लापरवाही, बच्चों के स्वास्थ्य से हो रहा खिलवाड़
स्थान/तारीख:
टेमजीरा, (तारीख)
खबर:टेमजीरा क्षेत्र की आंगनवाड़ी से लेकर कक्षा 8वीं तक संचालित मध्यान भोजन (मिड-डे मील) योजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां बच्चों को परोसे जा रहे भोजन में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। विशेष रूप से रोटियों की स्थिति चिंताजनक है, जहां बच्चों को अधपकी एवं सफेद रोटियां परोसी जा रही हैं।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा मध्यान भोजन योजना के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके। इसके बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। बच्चों को मिलने वाला भोजन न केवल गुणवत्ता में कमजोर है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है।
अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इस समस्या की शिकायत संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। बच्चों का कहना है कि रोटियां ठीक से पकी नहीं होतीं, जिससे उन्हें खाने में परेशानी होती है।
यह स्थिति स्पष्ट रूप से लापरवाही को दर्शाती है और सवाल उठाती है कि आखिर जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहा। शिक्षा विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
निष्कर्ष:
यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। शासन की महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य तभी सफल होगा जब जमीनी स्तर पर उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।





