बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज़ हादसे ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद जबलपुर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। माहौल इतना गमगीन था कि हर आंख नम थी और हर दिल भारी। सीएम ने परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ी है।
पीड़ित परिवारों से मिलकर भावुक हुए मुख्यमंत्री
जबलपुर में जब मुख्यमंत्री पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे तो कई भावुक पल देखने को मिले। कहीं उन्होंने छोटे बच्चों को गले लगाया, तो कहीं बेटियों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें हिम्मत दी। परिवारों का दर्द देखकर खुद सीएम भी भावुक हो गए। उन्होंने साफ कहा कि कोई भी परिवार खुद को अकेला न समझे, सरकार हर संभव मदद करेगी।
हादसे की जांच के लिए बनी हाई लेवल कमेटी
सीएम ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच समिति बनाने का ऐलान किया। यह कमेटी पूरे मामले की तह तक जाकर जांच करेगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सख्त नियम (SOP) तैयार किए जाएंगे।
9 लोगों की मौत, 28 की बची जान
इस हादसे में कुल 9 लोगों की जान चली गई, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीम ने मिलकर कई जिंदगियां बचाईं। मुख्यमंत्री ने ऐसे बहादुर लोगों को 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा की, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों को बचाया।
सरकार और केंद्र की ओर से आर्थिक मदद
मृतकों के परिवारों के लिए राज्य सरकार ने 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी 2-2 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। इससे पीड़ित परिवारों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
एडवेंचर टूरिज्म के लिए बनेंगे नए नियम
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में क्रूज़, वाटर टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए सख्त गाइडलाइन बनाई जाएगी। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लागू किया जाएगा ताकि आगे ऐसी कोई दुर्घटना न हो। सरकार का मकसद साफ है—“सुरक्षा पहले, फिर पर्यटन।”
यह हादसा सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक बड़ी सीख भी है। सरकार अब इसे लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।
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