Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

रतेड़ाकला छात्रावास में बड़ी लापरवाही: बच्चे गायब, स्टाफ नदारद; एसडीएम के औचक निरीक्षण में खुली पोल

By
On:

खबरवाणी

रतेड़ाकला छात्रावास में बड़ी लापरवाही: बच्चे गायब, स्टाफ नदारद; एसडीएम के औचक निरीक्षण में खुली पोल

​आमला (बैतूल)। शासन द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए संचालित आवासीय सुविधाओं के दावों की हवा उस वक्त निकल गई, जब अनुविभागीय राजस्व अधिकारी (एसडीएम) शैलेन्द्र बड़ोनिया ने सोमवार को शासकीय अनुसूचित जाति बालक छात्रावास रतेड़ाकला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान छात्रावास न केवल बदहाल मिला, बल्कि वहां की व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त नजर आईं।
​खाली मिला छात्रावास, रिकॉर्ड में भी बड़ा फर्जीवाड़ा
​निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली स्थिति यह रही कि छात्रावास परिसर में न तो कोई छात्र मौजूद था और न ही कोई कर्मचारी। अधीक्षक से लेकर रसोइया और भृत्य तक सभी ड्यूटी से गायब मिले। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार छात्रावास में 33 विद्यार्थी दर्ज हैं, लेकिन मौके पर एक भी छात्र नहीं पाया गया।
​इसके अलावा, रिकॉर्ड में भी भारी विसंगति सामने आई। छात्रावास के सूचना पटल पर विद्यार्थियों की संख्या 24 अंकित थी, जबकि कागजों में यह संख्या 33 है। यह अंतर सीधे तौर पर उपस्थिति पंजियों और प्रशासनिक रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
​नरक से बदतर हालात: गंदगी और अव्यवस्था का अंबार
​एसडीएम ने जब कमरों का मुआयना किया, तो वहां की स्थिति देख वे दंग रह गए:
​अस्वच्छता: पूरे परिसर में लंबे समय से सफाई न होने के कारण गंदगी का अंबार लगा हुआ था। शौचालय पूरी तरह चोक और गंदे मिले।
​सुरक्षा का अभाव: कमरों की खिड़कियों की मच्छर रोधी जालियां टूटी हुई थीं, जिससे छात्रों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। कई कमरों के दरवाजे टूटे या गायब थे।
​अंधेरे में भविष्य: लाइट फिटिंग खराब मिली, कई

For Feedback - feedback@example.com
Home Icon Home E-Paper Icon E-Paper Facebook Icon Facebook Google News Icon Google News