खबरवाणी
कॉलोनियों के बीच बड़े नाले बने संकरी नालियां, बरसात में बढ़ता खतरा
बुरहानपुर। जिले में तेजी से विकसित हो रही कॉलोनियों के बीच से निकले बड़े-बड़े प्राकृतिक नाले अब संकरी नालियों में तब्दील होते जा रहे हैं। कॉलोनाइजरों द्वारा इन नालों को सीमट कर छोटा कर दिया जाता है, जिससे बरसात के मौसम में जल निकासी बाधित होती है और यही व्यवस्था आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है।
सूत्रों के अनुसार, कई कॉलोनियों में मूल रूप से चौड़े और गहरे नालों को योजनाबद्ध तरीके से संरक्षित करने के बजाय उन्हें संकीर्ण कर दिया जाता है। कहीं-कहीं इन पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य भी कर दिए गए हैं। परिणामस्वरूप, जब बारिश होती है तो नालों का पानी का बहाव रुक जाता है और नाले उफान पर आकर सड़कों व घरों में घुसने लगता हैं।
निकासी व्यवस्था में भारी लापरवाही
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनाइजरों द्वारा ड्रेनेज सिस्टम को सही तरीके से विकसित नहीं किया जाता। केवल औपचारिक नालियां बनाकर खानापूर्ति कर दी जाती है, जो तेज बारिश में पूरी तरह नाकाम साबित होती हैं। इससे जलभराव, सड़क क्षति और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
मंजूरी प्रक्रिया पर उठते सवाल
जानकारी के मुताबिक, बुरहानपुर जिले में हजारों कॉलोनियां पहले ही विकसित हो चुकी हैं और लगातार नई कॉलोनियां काटी जा रही हैं। लेकिन इन कॉलोनियों को मंजूरी देने से पहले संबंधित विभागों द्वारा जमीनी स्तर पर पर्याप्त जांच नहीं की जाती। कागजी प्रक्रिया पूरी कर आसानी से अनुमति दे दी जाती है, जबकि वास्तविक स्थिति में सुरक्षा मानकों और जल निकासी व्यवस्था की अनदेखी होती है।
विभागीय स्तर पर केवल औपचारिक निरीक्षण किया जाता है और सुरक्षा के नाम पर “लिपा-पोती” कर दी जाती है। यही कारण है कि हर वर्ष बारिश के दौरान कई कॉलोनियों में हालात बिगड़ जाते हैं।
बरसात में बनता है संकट
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि प्राकृतिक नालों के साथ छेड़छाड़ की जाती है और उनकी चौड़ाई-गहराई कम कर दी जाती है, तो पानी का दबाव बढ़ने पर वे ओवरफ्लो हो जाते हैं। इससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव, मकानों को नुकसान और लोगों की जान को खतरा उत्पन्न हो सकता है।
विभागो की जिम्मेदारी तय हो
नगर नियोजन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि वे कॉलोनियों को मंजूरी देने से पहले सभी आवश्यक मानकों की गहन जांच करें। विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया जाए कि जल निकासी व्यवस्था वैज्ञानिक तरीके से तैयार हो और प्राकृतिक नालों को बाधित न किया जाए।
साथ ही, पहले से बनी कॉलोनियों का भी सर्वे कर खामियों को दूर किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
सख्त कार्रवाई की मांग
सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कॉलोनाइजरों पर सख्त कार्रवाई की जाए। बिना उचित ड्रेनेज व्यवस्था के कॉलोनी विकसित करने वालों की अनुमति निरस्त किए जाएं और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो।
बुरहानपुर में बढ़ते शहरीकरण के साथ यदि बुनियादी ढांचे की अनदेखी जारी रही, तो यह समस्या आने वाले समय में और गंभीर हो सकती है। आवश्यकता है कि प्रशासन समय रहते ठोस कदम उठाए और कॉलोनियों की मंजूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सख्त और जिम्मेदार बनाया जाए, ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।





