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पाथाखेड़ा कोयला खदान मे ठेका मजदूरों का 27 फरवरी से अनिश्चितकालीन आंदोलन,
कोयला उत्पादन पर असर संभव
खबरवाणी न्यूज़ रफीक
सारनी। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के पाथाखेड़ा क्षेत्र में कार्यरत ठेका कोयला मजदूरों ने वेतन संबंधी अनियमितताओं के विरोध में 27 फरवरी 2026 से जीएम ऑफिस तिराहा, पाथाखेड़ा में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है। मजदूरों के इस फैसले से क्षेत्र में कोयला उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
मजदूरों का आरोप है कि निर्धारित दर से पूर्ण वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। कई महीनों तक वेतन लंबित रखा जाता है तथा बैंक खातों में जमा राशि में से कथित रूप से एक-तिहाई रकम वापस काट ली जाती है। इसके साथ ही कुछ श्रमिकों को जबरन कार्य से वंचित किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
आंदोलन की घोषणा के बाद जीएम कार्यालय में प्रबंधन और ठेकेदारों की आपात बैठक आयोजित हुई, लेकिन वेतन भुगतान और अन्य प्रमुख मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। श्रमिक नेताओं प्रदीप नागले और संतोष देशमुख ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी बिंदुओं पर लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि 4 फरवरी 2026 को तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन के बाद नौ सूत्रीय मांगों पर चर्चा हुई थी। कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी, किंतु श्रमिकों का कहना है कि महत्वपूर्ण मांगों पर अब तक अमल नहीं हुआ है। 9 फरवरी को क्षेत्रीय प्रबंधक और एस.ओ. माइनिंग को पुनः आवेदन भी सौंपा गया, पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
वेतन संकट के चलते श्रमिक परिवार आर्थिक दबाव में हैं। बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों पर असर पड़ रहा है। मजदूरों का कहना है कि मानसिक तनाव के कारण पारिवारिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और समयबद्ध पूर्ण वेतन भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो 27 फरवरी से आंदोलन शुरू होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन और संबंधित ठेकेदारों की होगी। पाथाखेड़ा की कोयला पट्टी में शुरू हुआ यह विरोध आगे व्यापक आंदोलन का रूप ले सकता है।





