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2027 जनगणना के लिए ₹11,718 करोड़ मंज़ूर: केंद्रीय मंत्रिमंडल की बड़ी बैठक में तीन अहम फैसले

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केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए। देशव्यापी जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर मंत्रिमंडल ने ₹11,718 करोड़ के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी। साथ ही कोयला लिंकिंग नीति में बड़ा सुधार और नारियल किसानों के हित में बड़े कदमों की घोषणा भी की गई।

2027 जनगणना के लिए सरकार ने खोला खज़ाना

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2027 की जनगणना की तैयारियों के लिए भारी वित्तीय आवंटन को मंजूरी दी है। इस बार जनगणना में आधुनिक तकनीक, डिजिटल डेटा कलेक्शन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग पर खास ज़ोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह बजट जनगणना को अधिक सटीक, पारदर्शी और तेज बनाने में मदद करेगा। यह फैसला देश की जनसंख्या, आर्थिक स्थिति और सामाजिक ढाँचे के आंकड़ों को बेहतर करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

Coal Setu को मिली मंजूरी, कोयला सप्लाई में आएगी पारदर्शिता

बैठक में कोयला क्षेत्र से जुड़ी सबसे बड़ी घोषणा थी Coal Setu पोर्टल और नए कोल लिंकिंग सुधारों की मंजूरी। नई नीति का उद्देश्य कोयले की आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, राज्यों और उद्योगों को समय पर कोयला उपलब्ध कराना तथा अनियमितताओं पर रोक लगाना है। कोयला मंत्रालय के अनुसार, Coal Setu के ज़रिए आपूर्ति, परिवहन और स्टॉक की जानकारी रियल टाइम में ट्रैक की जा सकेगी।

कोयला नीति सुधार से उद्योगों को बड़ी राहत

कोयला लिंकिंग सुधारों से बिजली उत्पादन कंपनियों, स्टील उद्योगों और अन्य बड़े उपभोक्ताओं को फायदा मिलने की उम्मीद है। नई नीति पुरानी जटिल प्रक्रियाओं को खत्म कर सरल, डिजिटल और तेज व्यवस्था लागू करेगी। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और कोयले पर निर्भर उद्योगों की लागत भी घट सकती है। सरकार का दावा है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।

नारियल किसानों के लिए तीन महत्वपूर्ण फैसले

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नारियल किसानों के हित में भी तीन बड़े निर्णय लिए हैं। इन फैसलों का मकसद किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें बाज़ार में बेहतर दाम सुनिश्चित करना है। केंद्र सरकार ने नारियल खेती को मजबूत करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजनाओं पर भी विचार किया, जिससे दक्षिण भारतीय राज्यों में खासतौर पर राहत मिलेगी।

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2026 मौसम के लिए कॉप्रा (Copra) का MSP तय

सरकार ने 2026 सीज़न के लिए कॉप्रा का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मंजूर कर दिया है। MSP तय करने का उद्देश्य किसानों को बाजार की अनिश्चितता से सुरक्षा देना और उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है। इससे नारियल उत्पादक राज्यों के लाखों किसानों को सीधा फायदा होगा। सरकार का कहना है कि वह कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

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