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34 Doctor : प्रदेश के कारण बैतूल को भी मिले 34 डॉक्टर

नेताओं के प्रयास काम आते तो जिला चिकित्सालय में होते विशेषज्ञ डॉक्टर

बैतूल – 34 Doctor प्रदेश की बीमार स्वास्थ्य सेवाओं को स्वस्थ्य करने की दृष्टि से प्रदेश की सरकार ने कुछ दिनों पहले एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के हर जिले के हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पी एचसी) में कम से कम एक डॉक्टर की पदस्थापना हो, ऐसा निर्णय लिया था।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी ने तो यहां तक दावा कर लिया था कि 18 सितंबर 2022 तक प्रदेश के इतिहास में पहली बार हर पीएचसी पर एक डॉक्टर की पोस्टिंग कर ली जाएगी और इसी आदेश के तहत पूरे प्रदेश भर में 1172 बांडेड डॉक्टरों की नियुक्ति का आदेश जारी हो गया

बैतूल को भी मिलेंगे 34 डॉक्टर

इस वृहद आदेश के तहत बैतूल के 34 पीएचसी में 34 डॉक्टरों की नियुक्ति के आदेश निकले हैं इसका सीधा-सीधा अर्थ यह है कि जो जिला चिकित्सालय बैतूल डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहा है उसमें इस आदेश के तहत कोई नई पदस्थापना नहीं हुई है वहीं बगल के जिले छिंदवाड़ा में 25 बांडेड एवं 15 संविदा पर डॉक्टरों की नियुक्ति के आदेश निकले हैं।

बैतूल जिला शुरू से है पिछड़ा

लगभग 14 करोड का जिला चिकित्सालय भवन जिला मुख्यालय पर तो बन गया है लेकिन डेढ़ लाख की आबादी वाले बैतूल शहर और लगभग 18 की आबादी वाले बैतूल जिले में लंबे समय से जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा असर पड़ रहा है और सरकारी हॉस्पिटलों में इलाज कराने वाले गरीब एवं मध्यम वर्गीय मरीजों को ढंग का इलाज नहीं मिल पा रहा है, इसी के चलते इन लोगों को अपनी हैसियत से अधिक खर्च कर नागपुर भोपाल और इंदौर जाकर इलाज कराना पड़ रहा है वही छोटे से जिले राजगढ़ में जहां जिला मुख्यालय राजगढ़ शहर की आबादी 50000 एवं जिले की आबादी 12 लाख है ,उस जिले के जिला मुख्यालय के चिकित्सालय में हड्डी रोग विशेषज्ञ 3, सर्जन 4,आंखों के डॉक्टर 4, मेडिसिन के 2, बच्चों के डॉक्टर 6, पैथोलॉजिस्ट 2, नाक कान गले का 1, स्किन का एक और फॉरेंसिक मेडिसिन का एक डॉक्टर पदस्थ है।

34 डॉक्टरों में से अभी 1 ने दी ज्वाइनिंग

प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के जिस आदेश में 1172 बॉन्डेड डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है उसमें से 34 डॉक्टरों की बैतूल में जॉइनिंग होनी है लेकिन अभी तक मिली जानकारी के अनुसार एक डॉक्टर ने जॉइनिंग दी है वैसे भी ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टर आना नहीं चाहते हैं इसलिए अधिकांश डॉक्टर ज्वाइन कर छुट्टी ले लेते हैं और बाद में सेटिंग कर पदस्थापना बदलवा लेते हैं। लगता है एक बार फिर बैतूल जिले में ऐसा ही होने वाला है

जनप्रतिनिधि समस्या के निदान के लिए नहीं है गंभीर

प्रदेशभर में 1172 डॉक्टरों की नियुक्ति के चलते जिले में 34 डॉक्टरों की नियुक्ति अवश्य हुई है लेकिन इन नियुक्तियों में जिले के किसी भी जनप्रतिनिधि या नेता की भूमिका नहीं है क्योंकि पूरे प्रदेश के हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कम से कम एक डॉक्टर की नियुक्ति के तहत ही बैतूल को 34 डॉक्टर मिलने के आदेश हुए हैं यदि जनप्रतिनिधियों के प्रयास से ही नए डॉक्टर जिले में आने होते तो सबसे पहले जिला मुख्यालय पर 20 डॉक्टरों की कमी पूरी होती।