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“पेपर लीक के खिलाफ बैतूल में युवाओं का बिगुल: भूख हड़ताल पर बैठे छात्र, जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में उबाल”
दिल्ली से उठी आंदोलन की चिंगारी अब बैतूल पहुंची, छात्र-छात्राओं के साथ सामाजिक संगठनों ने संभाला मोर्चा, ज्ञापन और समर्थन सभा का आयोजन।
बैतूल। पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में बढ़ रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब बैतूल में भी सुनाई देने लगी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को बैतूल जिला मुख्यालय स्थित शिवाजी ओपन ऑडिटोरियम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं धरने पर बैठ गए। यहां भूख हड़ताल, समर्थन सभा और ज्ञापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रदर्शन में जिलेभर से पहुंचे छात्र-छात्राओं के साथ जयस सामाजिक संगठन, अधिवक्ता और कई आदिवासी सामाजिक संगठनों ने भी भागीदारी निभाई। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक के मामलों पर सख्त कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग उठाई।
धरना स्थल पर युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। प्रदर्शन के दौरान राहुल कुमरे ने पारंपरिक गेड़ी लोक नृत्य के माध्यम से अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया, जिसने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और आंदोलन को सांस्कृतिक स्वर भी दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लग रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बैतूल में शुरू हुआ यह आंदोलन आने वाले दिनों में कितना बड़ा रूप लेता है और प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाता है।





