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कब जागेगा संबंधित विभाग, कब होगा सड़कों का विकास?
गली-मोहल्लों से लेकर हाईवे तक गड्ढों की भरमार, बारिश में पानी भरने से बढ़ी परेशानी
बुरहानपुर। शहर और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति को लेकर नागरिकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। गली-मोहल्लों से लेकर प्रमुख मार्गों और हाईवे तक सड़क पर गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वाहन चालकों, राहगीरों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत के नाम पर शासन स्तर से लगातार राशि खर्च की जाती है, लेकिन कई स्थानों पर सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं देता। नागरिकों का सवाल है कि आखिर सड़क के गड्ढे कब भरे जाएंगे और उन्हें सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा कब मिलेगी।
बारिश में बढ़ जाती है समस्या
बरसात के दौरान सड़क के गड्ढों में पानी जमा हो जाने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। वाहन चालक जब पानी भरे गड्ढे से गुजरते हैं तो उन्हें यह पता नहीं चल पाता कि गड्ढा कितना गहरा है। इससे वाहन का संतुलन बिगड़ने तथा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए ऐसे स्थान अधिक परेशानी वाले साबित हो सकते हैं। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर सड़क की वास्तविक स्थिति पहचानना और भी मुश्किल हो जाता है। नागरिकों का कहना है कि संबंधित विभाग द्वारा समय रहते गड्ढों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था की जाए तो लोगों को काफी राहत मिल सकती है।
गली-मोहल्लों में भी यही स्थिति
सिर्फ मुख्य मार्ग ही नहीं, बल्कि गली-मोहल्लों की सड़कों पर भी गड्ढे बने हुए हैं। कहीं सड़क की सतह उखड़ गई है तो कहीं बारिश के बाद मिट्टी और पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय रहवासियों के अनुसार रोजाना इन रास्तों से पैदल चलने वाले लोगों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण के बाद उसकी गुणवत्ता और रखरखाव की नियमित निगरानी आवश्यक है। यदि सड़क पर बार-बार गड्ढे बन रहे हैं तो संबंधित विभाग को तकनीकी स्तर पर इसकी जांच कर यह देखना चाहिए कि समस्या का कारण क्या है और स्थायी सुधार किस प्रकार किया जा सकता है।
सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद सवाल
शासन द्वारा सड़क निर्माण, मरम्मत और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए बजट उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में नागरिकों की अपेक्षा रहती है कि स्वीकृत कार्य निर्धारित मापदंडों और गुणवत्ता के अनुरूप पूरे हों तथा निर्माण के बाद उनका उचित रखरखाव भी किया जाए।
यदि किसी सड़क का निर्माण या मरम्मत हाल ही में हुई है और उसके बाद भी सड़क पर गड्ढे बन गए हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा रिकॉर्ड, कार्य की गुणवत्ता, ठेकेदार की जिम्मेदारी तथा रखरखाव संबंधी प्रावधानों की जांच की जा सकती है। वहीं यदि सड़क पुरानी है तो नियमानुसार आवश्यक मरम्मत और रखरखाव कराया जाना चाहिए।
संबंधित विभाग से कार्रवाई की मांग
नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित सड़क निर्माण एवं रखरखाव एजेंसियों से मांग की है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की खराब सड़कों का सर्वे कराया जाए। जहां सड़क पर गड्ढे हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाए। बारिश के दौरान जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर पानी निकासी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
साथ ही जिन सड़कों पर निर्माण या मरम्मत कार्य चल रहा है, वहां सुरक्षा संकेतक, बैरिकेडिंग और आवश्यक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
जवाबदेही तय करने की मांग
लोगों का कहना है कि विकास का उद्देश्य केवल सड़क का निर्माण करना नहीं, बल्कि लंबे समय तक लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना भी है। यदि किसी निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं हुआ है तो सक्षम अधिकारी द्वारा नियमानुसार जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़कों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाए और मरम्मत कार्य की प्रगति की जानकारी सार्वजनिक की जाए। लोगों का सीधा सवाल है—आखिर कब जागेगा संबंधित विभाग, कब भरे जाएंगे सड़कों के गड्ढे और कब मिलेगी आम जनता को राहत?




