जनपद पंचायत के सामने धरने पर बैठे ग्रामीण, आंगनवाड़ी सहायिका को हटाने की मांग
बच्चों को कुत्ते का झूठा पानी पिलाने का आरोप
आमला। जनपद पंचायत मुख्यालय पर ग्राम पंचायत कोठिया के ग्राम बीसीघाट के ग्रामीणों ने सोमवार को धरना प्रदर्शन कर आंगनवाड़ी सहायिका को तत्काल हटाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि सहायिका बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से खिलवाड़ कर रही है। करीब एक माह पहले आंगनवाड़ी केन्द्र में बच्चों को कुत्ते का झूठा पानी पिलाया गया था। इस घटना से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि जब इस मामले पर आपत्ति जताई गई तो सहायिका ने विवाद खड़ा कर दिया और अपनी गलती मानने के बजाय अभद्रता की। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को जिस जगह सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिलना चाहिए, वही जगह बीमारी फैलने का केन्द्र बन गई है।
सफाई व्यवस्था ठप, बच्चों से कर रही दुर्व्यवहार ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आंगनवाड़ी केन्द्र में साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। कक्ष गंदगी से भरे रहते हैं और बच्चों के बैठने तक की उचित व्यवस्था नहीं की जाती। बच्चों को समय पर पोषण आहार नहीं दिया जाता और सहायिका का व्यवहार भी बच्चों के साथ बेहद कठोर है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार बच्चों को अपमानित करने की शिकायतें सामने आई हैं। माता-पिता ने आक्रोश जताते हुए कहा कि जिस जगह पर बच्चों के विकास की नींव रखी जाती है, वहां इस तरह की लापरवाही और दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंगनवाड़ी केन्द्र को पूरी तरह बंद कर देंगे और उच्च स्तर पर आंदोलन करेंगे।
*ग्रामसभा ने लिया हटाने का प्रस्ताव, फिर भी कार्रवाई ठप*
ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर प्रकरण को लेकर गांव में आयोजित ग्रामसभा में भी प्रस्ताव पारित किया गया था कि सहायिका को तत्काल हटाया जाए। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत भी की गई थी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से आश्वासन दिया था कि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन 20-25 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि जब तक दोषी सहायिका को हटाया नहीं जाता, तब तक बच्चे आंगनवाड़ी केन्द्र नहीं जाएंगे। फिलहाल, ग्रामीण जनपद पंचायत के सामने धरना देकर बैठे हैं और उनकी मांग है कि दोषी सहायिका को तत्काल हटाकर नए योग्य कार्यकर्ता की नियुक्ति की जाए।
*जनसुनवाई में पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण, उठाई मांग*
धरने के साथ ही सैकड़ों ग्रामीण कलेक्टर की जनसुनवाई में भी पहुंचे और सहायिका को हटाने की मांग दोहराई। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए कहा कि वे बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता में हैं। उन्होंने साफ कहा कि यदि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं लेता तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं, जिन्होंने कहा कि बच्चों के पोषण और शिक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। ग्रामीणों ने कलेक्टर से लिखित आश्वासन मांगा है कि दोषी सहायिका को तुरंत हटाया जाएगा।






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