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गाडरवारा में गत रात्रि भीषण सड़क हादसा ,
डंफर और बाइक में भीषण टक्कर के बाद 2 बाइक सवारों की मौके पर मौत
जिनके शव आज सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए ।
सोमवार सुबह करीब 9 बजे शांतिदूत तिराहे पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब मृतकों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया।
परिजनों का साफ कहना है कि जब तक प्रशासन की ओर से उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक न चक्काजाम हटेगा और न ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका कहना है कि यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि न्याय की मांग है।
सवालों के घेरे में प्रशासन
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस मार्ग पर लंबे समय से भारी वाहनों का दबाव बना हुआ है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभागों ने लगातार अनदेखी की।
लोगों का मानना है कि यदि समय रहते अलग लेन, ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए होते, तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।
लोगों का कहना है—
“हादसा डंपर ने किया, लेकिन जिम्मेदार लापरवाह व्यवस्था है।”
गुस्से में जनता, सड़क पर उतरा जनसैलाब
घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। चक्काजाम के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
मौके पर पहुंचे अधिकारी स्थिति को संभालने में जुटे रहे, लेकिन आक्रोशित परिजन बिना लिखित भरोसे के मानने को तैयार नहीं दिखे।
क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से लगातार सवाल कर रहे हैं—
मौतों के बाद ही क्यों जागता है सिस्टम?
क्या हर बार न्याय के लिए शव सड़क पर रखना पड़ेगा?
जनता का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन पहले ही संवेदनशीलता दिखाता, तो आज परिजनों को सड़क पर उतरकर न्याय की मांग नहीं करनी पड़ती।
लोग अब सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि जवाबदेही और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
📌 अब बड़ा सवाल
क्या प्रशासन समय रहते कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर लोगों का आक्रोश और बढ़ेगा?





