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नरसिंहपुर में भारी वाहनों की नो-एंट्री पर भड़के कारोबारी

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खबरवाणी

नरसिंहपुर में भारी वाहनों की नो-एंट्री पर भड़के कारोबारी

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की दी चेतावनी

स्टेट हाईवे 22 और 44 पर 14 घंटे के प्रतिबंध से व्यापार ठप

कलेक्टर को सौंपा सामूहिक ज्ञापन

नरसिंहपुर। जिला प्रशासन द्वारा स्टेट हाईवे पर भारी वाहनों के आवागमन पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ क्षेत्र के रेत व्यापारियों, डंपर व ट्रक संचालकों तथा वाहन मालिकों ने मोर्चा खोल दिया है। समस्त रेत व्यापारी यूनियन एवं डंपर/ट्रक चालक संघ ने एकजुट होकर जिला कलेक्टर को एक सामूहिक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रशासन द्वारा 19 जून 2026 को जारी उस आदेश को हटाने की मांग की गई है, जिसके तहत भारी वाहनों के लिए सुबह 07:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक नो-एंट्री लागू की गई है।

व्यापारियों का कहना है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी इस आदेश क्रमांक सा.लि./2026/6307 के कारण स्टेट हाईवे क्रमांक 22 गाडरवारा से पिपरिया मार्ग और स्टेट हाईवे क्रमांक 44 गाडरवारा से उदयपुरा मार्ग पर लगातार 14 घंटे भारी वाहनों का पहिया थम जाता है। इस प्रतिबंध के कारण रेत, गिट्टी, एम-सैंड, मुरम, कोपरा जैसी निर्माण सामग्री के वैध परिवहन में लगे वाहन चालकों और मालिकों को गंभीर आर्थिक और व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों ने गिनाईं ये प्रमुख व्यावहारिक समस्याएं

खनिज विभाग द्वारा जारी की जाने वाली ई-टीपी और रॉयल्टी की एक निश्चित समय सीमा होती है। नो-एंट्री के कारण वाहनों को घंटों मार्ग पर खड़े रहना पड़ता है, जिससे ई-टीपी की वैधता समाप्त हो जाती है। इसके फलस्वरूप वाहन बिना किसी गलती के भी तकनीकी रूप से नियम उल्लंघन के दायरे में आ जाते हैं और उन पर भारी जुर्माना व कानूनी कार्रवाई का खतरा मंडराने लगता है। वहीं रात्रि 09:00 बजे नो-एंट्री हटने के बाद जब वाहन गंतव्य पर पहुंचते हैं, तब तक अधिकांश निजी निर्माण कार्य बंद हो चुके होते हैं। रात के समय सामग्री उतरवाने के लिए ठेकेदार या मजदूर उपलब्ध नहीं रहते। इसके अलावा, रिहायशी इलाकों में देर रात डंपर खाली करने से भारी ध्वनि प्रदूषण होता है, जिससे स्थानीय स्तर पर विवाद की स्थिति निर्मित होती है।

प्रशासन को दिया लिखित आश्वासन

संघ ने स्पष्ट किया है कि वे प्रशासन द्वारा जनसुरक्षा, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्यों का पूरा सम्मान करते हैं। प्रशासन द्वारा ओवरलोडिंग तथा बिना तिरपाल के खनिज परिवहन पर नियंत्रण हेतु उठाए गए कदम सराहनीय हैं। अपनी बात रखते हुए व्यापारियों ने प्रशासन से कहा है कि वाहनों में किसी भी परिस्थिति में ओवरलोडिंग नहीं की जाएगी, निर्धारित गति सीमा का कड़ाई से पालन किया जाएगा और प्रशासन द्वारा तय किए गए प्रत्येक सुरक्षा एवं यातायात नियम का शत-प्रतिशत पालन होगा।

जनसुरक्षा अथवा यातायात व्यवस्था को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

नरसिंहपुर सहित दमोह, कटनी, सागर, रायसेन, भोपाल, विदिशा, अशोकनगर और जबलपुर जिलों से जुड़े वाहन स्वामियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस जनहित और न्यायपूर्ण मांग पर शीघ्र विचार कर नो-एंट्री नहीं हटाई गई, तो हजारों परिवारों की आजीविका को बचाने के लिए वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।

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