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नई साइकिल मिली, पर पहियों में हवा तक नहीं! बच्चों को धक्का देकर ले जानी पड़ी साइकिलें
रिपोर्ट प्रदीप यादव भीमपुर
भीमपुर मॉडल स्कूल में साइकिल वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल, रास्ते में परेशान होते दिखे विद्यार्थी
भीमपुर। भीमपुर ब्लॉक के मॉडल स्कूल में विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग की योजना के तहत नई साइकिलें वितरित की गईं, लेकिन वितरण के बाद व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए। तस्वीरों में कई छात्र-छात्राएं नई साइकिलों को चलाने के बजाय पैदल धक्का देकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। एक तस्वीर में साइकिल के पहिये के पास हवा भरने या खराबी ठीक करने का प्रयास भी होता दिखाई दे रहा है।
बताया जा रहा है कि वितरित की गई कुछ साइकिलों के टायरों में पर्याप्त हवा नहीं थी, जिसके कारण विद्यार्थियों को साइकिल चलाकर घर जाने के बजाय उन्हें धक्का देकर ले जाना पड़ा। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों के लिए साइकिल सुविधा महत्वपूर्ण है, ऐसे में वितरण से पहले साइकिलों की तकनीकी जांच, टायरों में हवा, ब्रेक और अन्य जरूरी हिस्सों की स्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।
वितरण से पहले क्यों नहीं हुई जांच?
इस मामले में सवाल उठ रहा है कि यदि साइकिलें विद्यार्थियों को उपयोग के लिए दी जा रही थीं तो वितरण से पहले उनकी फिटनेस और उपयोग योग्य स्थिति की जांच क्यों नहीं की गई? क्या संबंधित जिम्मेदारों ने साइकिलों के टायर, ब्रेक, चेन और अन्य जरूरी हिस्सों की जांच की थी? यदि जांच की गई थी तो विद्यार्थियों को साइकिलें धक्का देकर क्यों ले जानी पड़ीं?
अभिभावकों और स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि विद्यार्थियों को दी जाने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ पूरी गुणवत्ता और जिम्मेदारी के साथ मिले। संबंधित विभाग को मामले की जांच कर साइकिलों में सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर करवाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को परेशानी न हो।
फोटो कैप्शन: मॉडल स्कूल से साइकिल मिलने के बाद रास्ते में नई साइकिलों को पैदल धक्का देकर ले जाते छात्र-छात्राएं तथा साइकिल के पहिये के पास समस्या ठीक करने का प्रयास करता व्यक्ति।






