खबरवाणी
125 करोड़ की लागत से बनी सड़क पहली ही बारिश में हुई धराशायी,
ग्रामीणों में आक्रोश
आमला/बैतूल: विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई बैतूल से बासखापा तक की लगभग 72 किलोमीटर लंबी सीसी सड़क निर्माण के तुरंत बाद ही सवालों के घेरे में आ गई है। पहली ही बारिश ने इस महंगी परियोजना की गुणवत्ता की पोल खोल दी है।
निर्माण में भारी लापरवाही का आरोप।
बरसाली के समीप नवनिर्मित पुलिया के दोनों ओर किया गया अर्थवर्क (मिट्टी भराव) तेज बारिश के बाद बह गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई और जल्दबाजी में काम पूरा किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के दौरान भी गुणवत्ता को लेकर आपत्तियां जताई गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें नजरअंदाज किया।
हादसे का अंदेशा, ग्रामीणों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
सड़क और पुलिया के किनारे की मिट्टी बह जाने से बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो सड़क धंस सकती है। ग्रामीणों (गिरधर यादव, साहबलाल उड्के, नरेंद्र बचले आदि) ने पूरे मार्ग की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम ने संबंधित विभाग को जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। वहीं, एसडीओ मुलताई सुनील सोलंकी ने स्पष्ट किया कि बरसाली क्षेत्र दूसरे डिवीजन के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए संबंधित विभाग ही मामले की जांच करेगा।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
पूरे 72 किलोमीटर सड़क की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच हो।
क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत की जाए।
निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।





