खबरवाणी
पानी, बिजली और सड़क की मांग को लेकर उग्र हुए रामबिहार कॉलोनीवासी दी जन-आंदोलन की चेतावनी….
प्रशासनिक खींचतान में फंसी रामबिहार कॉलोनी खंभे लगाने के नाम पर 15 से 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप…….
अशोकनगर। जिला मुख्यालय के बीच बाजार में स्थित होने के बावजूद टॉरिया रोड स्थित ‘रामबिहार कॉलोनी’ आज भी मूलभूत सुविधाओं से पूरी तरह वंचित है। करीब 1000 से अधिक आबादी वाली इस कॉलोनी में न तो पक्की सड़कें हैं, न ही पीने के पानी की सुचारू व्यवस्था और न ही रास्तों पर स्ट्रीट लाइट की सुविधा उपलब्ध है। इस स्थिति से आक्रोशित स्थानीय रहवासियों ने हाल ही में जिलाध्यक्ष को एक मांग पत्र सौंपकर अपनी समस्याओं के निस्तारण और कॉलोनी को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल करने की मांग की है। आवेदन पत्र के अनुसार, कॉलोनी के अधिकांश निवासी मेहनतकश वर्ग से आते हैं। पीने के पानी के लिए उन्हें निजी बोरिंग पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसके लिए हर परिवार को हर महीने लगभग ₹500 तक किराया चुकाना पड़ रहा है। बिजली कनेक्शन की स्थिति और भी गंभीर है; खंभे न होने के कारण नए कनेक्शन के लिए सरकारी शुल्क 3500 से 4000 रुपये है, लेकिन बिजली विभाग में फैली कथित रिश्वतखोरी और खंभे लगाने के नाम पर निवासियों से 15,000 से 20,000 रुपये तक की मांग की जाती है।
स्थानीय निवासियों का सबसे बड़ा दर्द प्रशासनिक खींचतान है। यह क्षेत्र वार्ड क्रमांक 21 नगर पालिका के मताधिकार में आता है, लेकिन भौगोलिक रूप से मोहरीराय पंचायत के ग्राम शंकरपुर के अंतर्गत दर्ज है। जब निवासी किसी सरकारी योजना के लाभ के लिए नगर पालिका जाते हैं, तो उन्हें पंचायत भेज दिया जाता है; और पंचायत जाने पर उनके कागजात नगर पालिका क्षेत्र के बताकर लौटा दिए जाते हैं। इस कारण कॉलोनीवासी शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से सीधे वंचित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पूर्व में भी संबंधित विभागों, जन प्रतिनिधियों, सांसद, विधायक और जिलाधीश को आवेदन दिए हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परेशान रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रामबिहार कॉलोनी को नगर पालिका में जोड़कर पानी, बिजली और पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, तो क्षेत्रवासी बड़ा जन-आंदोलन करने पर मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।





